Latest poems on teachers day, sikshak diwas kavita

बच्चो की परिभाषा

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24 -Nov-2018 सुमित.शीतल Kids Poem 0 Comments  152 Views
बच्चो की परिभाषा

नमस्कार, नमस्ते मित्रो, छोटे-छोटे प्यारे-प्यारे नन्हे मुन्ने राज दुलारे, जो हैं अपने माता-पिता की आंखों के तारे। ये वो नन्हे फूल है जो लगते भगवान को प्यारे, इनके बिना परिवार लगते आधे-अधूरे सारे। इन मासूमो के लिए क

Bhaloo Aaya Bhaloo Aaya

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27 -Oct-2018 अशोक कुमार ढोरिया Kids Poem 0 Comments  110 Views
Bhaloo Aaya Bhaloo Aaya

भालू आया भालू आया ठुमक ठुमक कर भालू आया। पैर घुंघरू बांध कर आया खेल तमाशा करने आया। भालू आया भालू आया संग मदारी उसके आया। सब का मन बहलाने आया सब बच्चों ने शोर मचाया। भालू आया भालू आया नाच नाच के खेल सजाया। सब बच्चो

सरकस का था काला भालू

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20 -Sep-2018 अशोक कुमार ढोरिया Kids Poem 2 Comments  503 Views
सरकस का था काला भालू

सरकस का था काला भालू नाम था उसका झबरू कालू सबको प्यारा नाच दिखाता खाता था वह मीठे आलू। जैसा मिलता वह खाता था बंद पिंजरे में पाता था दिखा खेल तमाशा गजब का नींद चैन की वह सोता था। जोकर बोना उसका याड़ी उसके सह करता खिल

मुन्नी / Munni

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19 -Sep-2018 Suresh Chandra Sarwahara Kids Poem 0 Comments  121 Views
मुन्नी / Munni

देखो कितना समय हो गया अब तो जागो मुन्नी, उठो नहाओ और पहन लो अपने कपड़े चुन्नी। विद्यालय जाकर तुमको है ध्यान लगाकर पढ़ना, अपना काम समय पर करना नहीं किसी से लड़ना। समय न खोया जिसने अपना वही बढ़ा है आगे, आलस करने वालो

Bhookha Bandar

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17 -Aug-2018 Rajpal Singh Gulia‎ Kids Poem 0 Comments  270 Views
Bhookha Bandar

छ्त से उतरा बंदर भूखा . खाना था बस रूखा सूखा . बंदर जी का दिल ललचाया . खाना खूब दबा कर खाया . लगा तड़फने कोई आओ . पेट दर्द की दवा दिलाओ . डॉक्टर भालू भागा आया . नब्ज देख उसको धमकाया . पहले उल्टा पुल्टा खाते . फिर तुम पेट पकड़ च

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