Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

Sab Kehate Aankhon Ka Tara

0
13 -Nov-2014 Dr. Parshuram Shukla Kids Poem 0 Comments  2,503 Views
Dr. Parshuram Shukla

उठ जाता होते उजियारा।
घर का काम करूँ मैं सारा।

चाहे जितना अधिक काम हो,
कभी थका ना हिम्मत हारा।

छोटा हूँ मैं सबसे लेकिन,
देता सबको सदा सहारा।

पाँव दबाता दादाजी के ,
हो जाता है जब अँधियारा।

राज दुलारा मम्मी जी का,
पापा जी का बेटा प्यारा।

देख-देख खुश होते मुझको,
कहते सब आँखों का तारा।



 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017