Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

किस नाम से तुझे पुकारूँ?

0
21 -Feb-2019 सुमित.शीतल Valentine Poem 0 Comments  739 Views
सुमित.शीतल

कविता: किस नाम से तुझे पुकारूँ?

इस दुनिया में है जीव कितने सारे,
इनमें कितनो को बुलाते है नाम से सारे।
नामों का सिलसिला है कितना न्यारा,
सोच भी नही सकते नामों का है इतना बड़ा पिटारा।
सोच-सोच कर हूं परेशान, किस नाम से तुमको पुकारू,
दिल कहता है कि कंहू सनम पर दिमाग कहे वीना पुकारू।
तू मेरे नवजीवन का विकास है,
तू ही तो मेरा प्यार व यार भी खास है।
मैं हूं सोच रहा ये बात आज,
इस मन रूपी आईने में अब किसे उतारूँ।
दिल कहता है कि कर दे ये काम आज,
तुझ पर सबकुछ धन-दौलत क्या जिंदगी भी कुर्बान कर दू।
प्यार पाने को शादी रूपी तट पर खड़े सारे,
जिंदगी भी अनमोल है, इसकी कीमत समझो सारे।
आशा हमेशा चिराग जलाती,
निराशा बार-बार दिया बुझाती।
चाहता हूं तुम सपना बन आती रहो,
मैं सो जाऊ कोई ऐसी धुन तुम गुनगुनाती रहो।
जागते हुए तुम होती हो साथ मेरे,
सपनों में भी तुम मुझे दुलारती रहो।
इस दुनिया में है जीव कितने सारे,
इनमें कितनो को बुलाते है नाम से सारे।

समाप्त

सुमित.शीतल



Dedicated to
Veena Malhotra

Dedication Summary
EVNG Dear FRNDS and POEM OCEAN FAMILY GROUP MEMBERS,
I want to dedicate this poem to my Love, My Valentine, My Life Partner, My Wife Veena Ji Malhotra, thanks and tc.

 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017