Latest poems on teachers day, sikshak diwas kavita

मैं कान्हा मैं मोहन..

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मैं कान्हा मैं मोहन..

मैं कान्हा मैं मोहन....!! मैं नटखट मैं गोपाला.! मैं कान्हा मैं माखनचोर.!! मैं देवकी पुत्र मैं यशोदा नंदन.! मैं वासुदेव मैं नंदकिशोर.!! सूरत मेरी भोली भाली.! चंचल चितवन मीठी वाणी ठोर.!! मैं गिरधारी मैं बनवारी.! मैं मोहन कहते

Tumak tumak chale chote khanhaiya

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12 -Mar-2018 Pragya Sankhala Krishna Janmashtami Poems 0 Comments  838 Views
Tumak tumak chale chote khanhaiya

Tumak tumak chale chote khanhaiya Gwala ka rup dhare khanhaiya Natakhat makhan churate khanhaiya paijanya pairo me bandhe khanhaiya mata ke ye dulare khanhaiya Trilok swami khanhaiya Yashoda ke nandlala khanhaiya Basuri roj bajaye khanhaiya Nit naye roop dikhave khanhaiya More mukut lagaye khanhaiya Swaran mukh mandal khanhaiya Sabke dulare krishna khanhaiya

कान्हा कन्हैया नटखट चितचोर

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30 -Jan-2018 Anju Goyal Krishna Janmashtami Poems 0 Comments  522 Views
कान्हा कन्हैया नटखट चितचोर

जन्माष्टमी पर एक लघु प्रयास कान्हा कन्हैया नटखट चितचोर मैया के आँगन की शोभा बढ़ावे । शीश पे मोर पंखी का सुंदर ताज धर सबके नैनो को बहुत सुख पहुँचावे । नन्हे नन्हे पाँवो से कर अठखेलियाँ मुख पे माखन लगा श्याम इतराव

वियोग

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24 -Sep-2017 Anju Goyal Krishna Janmashtami Poems 0 Comments  467 Views
वियोग

कान्हा तेरे वियोग में  हम तो अँसूवन बहाते है।  पनघट तट पे बाट निहारे राह तुम्हारी जोहते है।    पनघट सूना सूनी गलियाँ  चैन हमारा खोवत है   । सावन बीता झूले सूने  मधुवन भी अब रोवत है मुख पे छाई हमरे उदासी मनवा स्वप्न  

गोविंद सहारा तेरा है

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10 -Aug-2017 निशंक Krishna Janmashtami Poems 5 Comments  873 Views
गोविंद सहारा तेरा है

श्री कृष्ण सहारा है गोविंद सहारा तेरा है ये जग दो दिन का मेला है दुनिया बस रैन बसेरा है तेरे बिन मेरी हस्ती क्या बिन तेरे जीवन बस्ती क्या दिल मे बस तेरा डेरा है बिन तेरे घोर अंधेरा है तू मेरा है दिल तेरा है .....गोविंद

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