Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

Kuch aise hai mere papa

0
28 -Mar-2019 Devesh Patel Fathers Day Poems 0 Comments  2,242 Views
Devesh Patel

कुछ ऐसे है मेरे पापा
० अपनी तकलीफों से झुंझते रहते हैं
तब भी हमारी खुशी की परवाह करते रहते हैं
० मेरी हर शरारतो को वो छुपाते है
और मां जब पूछे तो नाम अपना लगाते है
० करते है मेरी हर ख्वाहिश पूरी
चाहे रह जाए उनकी कोई तमन्ना अधूरी
० मेरे हर सपनों को वो पूरा कर दिखाते है
अपनी नींव के सहारे मुझे पक्का बनाते है
० हर बार खुदकी जरूरतों को भूल जाते है
मेरी जिद को पूरा करने वो तपती धूप में जाते है
० मेरी जिन्दगी की महकती शाम है मेरे पापा
एक आस एक प्रेरणा एक भावना है मेरे पापा।



Dedicated to
My father

 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017