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कुछ करने की अब बारी है

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19 -Feb-2019 Sunil Sharma Patriotic Poems 0 Comments  389 Views
कुछ करने की अब बारी है

फिर बहा खून वीर जवानो का
फिर खोला खून हर हिंदुस्तानी का
जो देश है बापू का
अहिंशा के पुजारी का
उसके हर वासी के दिल में
कुछ करने की तमन्ना जागी है
कथनी नहीं कुछ करने की
अब हमने ठानी है |

दिलो में दबी चिंगारी
फिर आज जलानी है
पडोसी देश को औकात उसकी
याद आज दिलानी है
धमक सर्जिकल स्ट्राइक की
फिर उसे आज सुनानी है
पैंसठ, इकहत्तर और कारगिल
की भूली कहानी आज
फिर उसे सुनानी है
शहीदों की शहादत की
कीमत आज उसे चुकानी है |

पत्थरो का जवाब अब
ईटों से देने की बारी है
देश में छुपे गद्दारो को
राह दूसरे जहाँ की आज दिखानी है
तिरंगे का आदर करने की
तमीज आज उन्हें सिखानी है |

कथनी नहीं कुछ करने की
अब हमने ठानी है ।

सुनील



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