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कुछ वक़्त दिया कीजिये

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05 -Jan-2019 Niose Group Life Poem 0 Comments  399 Views
Niose Group

शीर्षक : कुछ वक़्त दिया कीजिये

जिम्मेदारियों के बोझ के तले दबी जिंदगी को
फुर्सत नहीं जनाब, फिर भी साँस लिया कीजिये !
वक़्त मिले या न मिले, वे वक़्त होकर भी जनाब
चाहने वाले अपनों से कभी कभी मिला कीजिये !!

एक ख़ूबसूरत जिंदगी की तमन्ना दिल में लिए
जिंदगी को ही बोझ बनाकर न ढोया कीजिये |
लाख मुशीबतों को दिल में दबाये हो जनाब
वक़्त बेवक्त ही सही हो सके तो मुस्कुराया कीजिये !!

ज़माने की हर दर्द की दवा है हँसना और हँसाना
अपने सीने में दफ़न जख्म को हंस कर बहाया कीजिये |
जख्म खाकर माना कि दिल को अब तक दुखाया है
अब तो जज़्बातों को लबो तक लाया कीजिये ॥

मरहूम जिंदगी बेचारी, न जाने क्या बिगाड़ी
पल पल के लिए उसको तरसाया न कीजिये |
कभी छूकर देखो 'तिवारी' अपनी जिंदगी को
ये जिंदगी तुम्हारी है इसलिए सताया न कीजिये ॥

कोई दौलत की दौड़ में, कोई शौहरत की दौड़ में, बड़ा मशगूल हो रहा है,
और मासूम बचपन, पढ़ाई की होड़ में आज,अपना बचपन खो रहा है |
जिनके लिए मशगूल हम, मुशीबतो में जी कर अपनों से कोसो दूर हम,
उन रिश्तों कि खातिर जनाब, अपना कुछ कीमती वक़्त ही उन्हें दिया कीजिये !!

वर्तमान ख़ुशियों की लाशों पर, भविष्य के सपने संजो रहा है
ख़ूबसूरत ज़िन्दगी को बोझ बनाकर हर इंसां ढो रहा है |
जिंदगी बहुत खुबसूरत है शिद्दत से महसूस कीजिए
महत्वाकांक्षा भी पालिए स्पर्धा भी किया कीजिए !!
पर कभी-कभी अपने लिये, कभी अपनों के लिए भी, कुछ वक्त दिया कीजिये ||



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