Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

जीवन एक अनसुलझी पहेली

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20 -Jun-2020 सुमित.शीतल Life Poem 0 Comments  371 Views
जीवन एक अनसुलझी पहेली

जीवन एक अनसुलझी पहेली। नमस्ते एहसास अपनेपन का ग्रुप परिवार। मैं सुमित अपनी कविता "जीवन एक अनसुलझी पहेली " आप सभी के सामने प्रस्तुत कर रहा हूं। अपना प्यार और सहयोग देकर कृतार्थ करें। Title: जीवन एक अनसुलझी पहेली। जी

वृतांत

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वृतांत

-----वृतांत---- उजियारों के तेज से ही हैं प्रताप जगत का, भूं की प्यास से ही हैं, अमृत्व जीवन का!! हरियत्व मे ही हैं, औषध मधुर जन का!! प्रकाशत्व के यौवन, मे भी हो तुम।। अंधेरों के सुमधुर धुन, मे भी हो तुम।। बस यहीं "वृत्तांत" स

Zindgi ke such

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31 -May-2020 krishan Life Poem 0 Comments  161 Views
Zindgi ke such

Ghamand kya karte ho apni is sohrat par tere apne hi tujhe khanda dene ke baad naha kar ghar me jayege Yh sansar bada mayavi h sambhal kar rhna Jo kahte tujhse beintha pyar h wo hi tujhe samsan me akela chod aaynge maa baap ko bhool jate h kisi or ke pyar k liy Jab thokar kha kar giroge bas ma baap ke aankho me hi aansu aayege Wo ehsas hi to h jo badal deta h pyaar ke mayne Warna maa ki god se jayda pyar aap knha khoj payenge Tum bhagte ho door sachai se par Ek din gir kar khud ki nazro me aap khud hi samjh jayenge Bura lgta h wo insan jo aapki

ज़िन्दगी के रंग

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19 -May-2020 Kavya Shekhr Life Poem 0 Comments  58 Views
ज़िन्दगी के रंग

ज़िन्दगी में है ना जाने कितने रंग, कभी हँसाती कभी कर जाती आंखें नम । कही खुशियाँ देती है बेशूमार, कही ग़म के लिए जिंदगी भी पड़ जाती है कम । कही दिखती है ये कितनी रंग भारी, और कही हो जाती है कितनी बेरंग । © काव्या शेखर

Garib-Rashan/ गरीब राशन

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15 -May-2020 shalu L. Life Poem 0 Comments  205 Views
Garib-Rashan/ गरीब राशन

गरीब- राशन गरीब तेरा घर बहोत दूर है सरकार के महल से मंहगा पड़ेगा अब तो राशन भी भूख से। क्या बाटे गरीब तेरा हिस्सा दुकानदार जिसके आने से पहले हुए हिस्से हजार। राशन तेरे नाम से निकलता रास्ते मे कितनो का हिस्सा बनता प

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