Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

Kyon Bani Main Insaan

1
14 -Sep-2015 meenakshi kaith mottan Life Poem 0 Comments  1,104 Views
meenakshi kaith mottan

काश मैं होती इक चिड़िया
खुले गगन में रहती
न होती बंदिशे जमाने की
खुली हवा में चहकती
प्यार ही प्यार होता जहाँ
वहीं पैर मैं रहती
दुनिया की गन्दी नज़रों से
दूर तो मैं रहती
इस दुनिया मैं क्या है
दुःख दर्द और आंसू
जैसे ओस की बूँदें रहती फूलों पर
आंसू रहते ऐसे गालों पे
ओस की बूँदें तो जाती है सूख
पर भरा रहता है फूल
दिल में होती है कुछ उमंगें
जो नहीं होते कभी पुरे
होते है कुछ ऐसे अरमान
ए ,खुदा बता क्यों बनाया मुझे इंसान.

Kyon Bani Main Insaan


 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017