Makar Sankranti Ka Tyohar

0
13 -Jan-2017 Mamta Rani Lohri Poems 0 Comments  239 Views
Makar Sankranti Ka Tyohar

मकर संक्रांति का त्यौहार, पुरे भारत में मनाया जाता है। कहीं लोहड़ी तो कहीं पोंगल, कहीं संक्रांति का त्यौहार। बड़ा ही पावन और पवित्र, होता यह त्यौहार। दान धर्म और पूजा पाठ, से होता इसका सरोकार। इस दिन सभी लोग , करते

Aai Fir Se Lohri

0
13 -Jan-2016 Dr. Roopchandra Shastri Mayank Lohri Poems 0 Comments  313 Views
Aai Fir Se Lohri




AMIA BIE AMIA

0
05 -Jan-2013 Lohri Poems 0 Comments  1,037 Views
AMIA BIE AMIA

लोकगीत में भी दुल्ला BBhatti की प्रशंसा की गई है परन्तु इस गीत में दुल्ला मही को बाबा कह कर सम्बोधित किया गया है । लोक गीत कुछ इस प्रकार से है : अम्मीयाँ बई अम्मीयाँ, भीं पये ते कणका जमींया, कणका वीच बटेरे, दो साधु दे, दो म

De mie de-lohri poem

0
05 -Jan-2013 Lohri Poems 0 Comments  7,590 Views
De mie de-lohri poem

लोकगीत में बच्चे घर की महिला की प्रशंसा में गाते है और बदले में उनसे लोहड़ी जलाने के लिए लकड़ी, पाथी एवं कंडे प्राप्त करते है । लोक गीत कुछ इस प्रकार से है : दे माई दे, काले कुत्ते नू भी दे, काला कुत्ता दये बधाई, तेरी, जी

Dhulla Bhatti-Lohri poem

0
05 -Jan-2013 Lohri Poems 0 Comments  1,367 Views
Dhulla Bhatti-Lohri poem

जैसा हम सभी को विदित है, लोकगीत किसी भी समाज की धरोहर होतें हैं, उसी द्रष्टि कोण से तीन लोहड़ी के गीत निम्नलिखित हैं। पहले लोकगीत में दुल्ला bBhatti का वर्णन है, जो कि इस प्रकार है: सुन्दिरिये-मुन्दिरिये-हो तेरा कौन विच

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017