Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

Journey of life (zindagi ka safar )

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01 -Apr-2020 Aniket Mishra Lonely Poems 0 Comments  79 Views
Journey of life (zindagi ka safar )

Chale the akele par Raahon mein kuch log mile, The to wo paraaye Par unse hi dil mile. Mil kar unse aisa laga Kuch khoye hue pal mile, Kyu the wo paraaye Jb unse hi dil mile. Chalna tha akele agar To saath kyu wo chale, Bichadna hi tha agar To kyu hume wo mile. Raahein kyu sunsaan hui Kyu fir akele hum hue, Kyu saath chor wo chale Jo saath mein the chale. Kya hum peeche chuth gye Ya aage wo chal pade, Hum chale the akele par Raahon mein kuch log mile. Ab fir akele hum hue Kyu wo humse dur hue. Kyu aakhe fir ye nam hui Jab saath chor wo chale. W

तू नही पास मेरे तो एहसास है,

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27 -Oct-2019 Shivendra Singh Lonely Poems 0 Comments  387 Views
तू नही पास मेरे तो एहसास है,

गीत....!!! तू नही पास मेरे तो एहसास है तुझसे मिलने को मुझको बडी आस है |२ बस बची हुई एक आखिरी सांस है, तू गर ना मिले तो फिर ना वो मेरे पास है |२ तू नहीं पास मेरे तो एहसास है | लाखों अरमा लिए मेै चला जा रहा, मुझे खुद ना खबर मैं कि

खाली मकान में

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16 -Jun-2019 Ravi Ranjan Goswami Lonely Poems 0 Comments  250 Views
खाली मकान में

खाली मकान में दोनों अकेले। पुराने शिकवों पर खूब लड़े । लड़वाने वाले मौजूद नहीं थे । बहुत से गड़े मुर्दे खूब उखड़े । घर में चार बर्तन नहीं थे । टकराकर दो बर्तन भी खूब बजे। किसी की कमी न लगे। हर रिश्ते से हम खूब लड़े।

कभी कभी.सोचती हूँ

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05 -May-2019 Maya Ramnath Mallah Lonely Poems 0 Comments  360 Views
कभी कभी.सोचती हूँ

कभी कभी सोचती हूँ मैं उसे जितना चाहती हूँ उसका कितना हिस्सा वो मुझे चाहता हैं। कभी कभी सोचती हूँ मेरी रात उस के ख्यालो में बीत जाती हैं क्या उनके ख्यालो में मै आती हूँ। कभी कभी सोचती हूँ मेरे होठो पर तो सिर्फ उसका

कभी न चाहा था मैंने....

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05 -Feb-2019 Rahul Lonely Poems 0 Comments  391 Views
कभी न चाहा था मैंने....

कभी न चाहा था मैंने ये तुम ही थे जो चले गए, उसपार, इसपार खीच कर रेखा। अब तो ये महफ़िल भी क्या मज़ा देगी, फ़िरदौस भी हवादिस का मज़ा देगी। कुछ देर और तो ठहरा होता, मेरी इख्लासको समझ होता। मेरी अंजुमन से हो के दूर, तुम चले गए उ

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