Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

Teri hasi ban jau

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23 -May-2020 krishan Love Poem 0 Comments  242 Views
Teri hasi ban jau

Khawais h meri teri yaado me ehsas ban kar sama jau Udasi ke lamho me tere hoto par hasi ban kar aa jau Jab kasak uthe bita pal yaad kae ke Tere zahan me khusi ke lamhe ban kar utar jau Jab Sataye yh andheri raate Teri aankho me Haseen sapne ban kar aa jau Khawais h meri teri yaado me ehsas ban kar sama jau Udasi ke lamho me tere hoto par hasi ban kar aa jau Atraaz ho tujhe jin raho se Me un raho ko humesa ke liy chod kar cala jau Akelepan ka jab bhi ehasas ho tujhe Tera saya ban kar tere paas aa jau Khawais h meri teri yaado me ehsas ban kar s

हाथों में दुआ भर के

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22 -May-2020 Archie Love Poem 0 Comments  27 Views
हाथों में दुआ भर के

हाथों में दुआ भर के एक बरसात इधर कर दे , एक बार भिगा मुझको दे । मेरा रुप अरुप हो जाए तुझसी एक सकल मिल जाए जिश्म आईना हो जाए और तू रौशनी हो जाना कि मिल जाए रहमत तेरी तेरी नजर की थोड़ी सी तासीर मिल जाए रैन-बसेरा मिले न मिल

दुपहरिया नाही रात तूँ त भोर हऊ हो - Dupahariya Nahi Raat Tuta Bhor Hau Ho

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11 -May-2020 Vikash Varnval Love Poem 0 Comments  113 Views
दुपहरिया नाही रात तूँ त भोर हऊ हो - Dupahariya Nahi Raat Tuta Bhor Hau Ho

नाही दुपहरिया नाही रात तूँ त भोर हऊ हो हमार अधजल जिनगी के तूँ अजोर हऊ हो बन पतंग उड़ी आकाश तूही डोर हऊ हो डललू डाका हमरी दिल पे बड़ी चोर हऊ हो बा नाराज हमसे किस्मत तू ही तोड़ हऊ हो हमरी खातिर रुपया पैसा तू करोड़ हऊ ह

यह काफी हे...

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10 -May-2020 HARIOM AGRAWAL Love Poem 0 Comments  66 Views
यह काफी हे...

तुमने तो मुझे भुला दिया, गैरों की तरह, मैंने तुम्हें अपना कहा था, यह काफी है... तेरे होठों पर इकरार चाहे, रहता था सदा, तेरी आंखों में इंकार था, यह काफी है... झूठी लगी मेरी वफाई, तुमको सनम, सच्ची थी तेरी बेवफाई, यह काफी है...

मोहब्बत तुमसे की थी

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10 -May-2020 HARIOM AGRAWAL Love Poem 0 Comments  73 Views
मोहब्बत तुमसे की थी

मोहब्बत तुमसे की थी, वफाएं भी तुमसे की थी, कभी गम ना सताए तुमको, यह दुआएं भी तुमको दी थी... काश कोई दुआ, हमारे लिए मांग ली होती, वफा हमने तो की थी, पर वफा तुमने ना की थी... सारा कसूर मेरा है , मैं ही बदनसीब हूं, शायद मेरी यह क

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