Kuchh ankahi si baten / कुछ अनकही सी बातें

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24 -Nov-2017 shalu L. Love Poem 0 Comments  56 Views
Kuchh ankahi si baten / कुछ अनकही सी बातें

कुछ अनकही सी बातें कहीं शाम किसी की याद में, हसीं नग्में गुनगुनाती है, रोने लगता है दिल, जब बात जुबां पर आके रुक जाती है, कहने को तो बातें है हजार मगर, शुरुवात कहाँ से करें हम , भूल जाते है सब कुछ, जब भी ख्याल आपका करते

तुम बनो मेरी यही मेरी ख्वाहिश है...!!

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23 -Nov-2017 pravin tiwari Love Poem 0 Comments  33 Views
तुम बनो मेरी यही मेरी ख्वाहिश है...!!

*चाहतों से ज्यादा तुझसे चाहत है,* *तुम बनो मेरी यही मेरी ख्वाहिश है,* *मांगा है तुझे बड़ी शिद्दत से अपनी नेमतो में,* *जाना तेरे ही वास्ते मुझे रब ने बनाया है....!* *दिल ने जब भी पुकारा किसी हमदर्द को,* *बस एक तेरा ही नाम लबो प

Pyar - Ek tarfa, Dhoka - ek tarfa

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22 -Nov-2017 Ksheerja G Love Poem 0 Comments  29 Views
Pyar - Ek tarfa, Dhoka - ek tarfa

Woh Chup Chup kar gaadi ki kaach mein  unka chehera niharti Nazare milte hi kahi aur dekhti Unse chupne unhi ke baho mein khud ko chupati Har mulaqat  pehli mulaqat jaisi lagti Har Subah unki  'shubh prabhat'ka intezar karti Aur Har raat unki 'shubh raathri' par so jaati Har gaane par Unko sochti Aur Har gaana unhi ke liye gaati Har waqt unki parwah karti Aur Har lamha unkeliye duwah karti Khud ko unki nazaro se dekhti Mere badan ka Har nazar teeka Mujhe unki nazaron se bachati Meri har nazar unhe teekhi lagti Meri har Baat meethi Aur meri h

मोहब्बत पे अपनी एक गजल लिख रहा हूं....!

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17 -Nov-2017 pravin tiwari Love Poem 0 Comments  65 Views
मोहब्बत पे अपनी एक गजल लिख रहा हूं....!

मोहब्बत पे अपनी एक गजल लिख रहा हूं....! बस उसका ही खयाल आजकल लिख रहा हूं....! शाम-ओ-पहर बिता वक्त इंतजार का, उन लम्हों की सारी दास्तान लिख रहा हूं.....! ना मिल पाती जब वो किसी ना किसी हालात से, उस पल में बहते आँसुओं की धार लिख र

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17 -Nov-2017 Madan Saxena Love Poem 0 Comments  19 Views




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