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Ikraar Karne Se Darti Hoon

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11 -Mar-2015 Anju Verma Nisha Love Poem 0 Comments  1,274 Views
Anju Verma Nisha

तुम्हारे दिल के हर ज़ज्बात को समझती हूँ,
पर उसे जुबां से इकरार करने से डरती हूँ,
.
तुम भी समझ जाओ न मेरी आँखों की भाषा,
जिसे मैं भी अपने मन में छिपाए रहती हूँ,
.
अच्छा होगा कि बात हमेशा छिपी ही रहे,
क्योंकि मैं ज़माने पे ऐतबार नहीं करती हूँ,
.
इस रिश्ते को लग जाएगी दुनिया की नज़र,
इसलिए चुप रहती हूँ और तुम्हें भी चुप रखती हूँ................

Ikraar Karne Se Darti Hoon


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