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माँ !

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14 -Jun-2017 Sharma Childhood Poems 0 Comments  812 Views
Sharma

अब
देर से घर नही आऊंगा मैं
वर्ना
दरवाजा खोलेगा कौन?
वो
माँ ही थी
जो
दरवाजा खोलती थी
और
सारा घर
रहता था
मौन !!
कठोर
चीजों को
ठोकर नहीं
मारूँगा अब
वर्ना दर्द
पांव का
सहलाएगा
कौन ?
वो माँ ही थी
गले लगा
माथा चूमती
और बिठाती गोद
सब लोग
मुंह तकते
और
रह जाते थे मौन !
अब घर देर से
नहीं आऊंगा मैं
वर्ना दरवाजा
खोलेगा कौन ???
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सरकाघाट (हिमाचल प्रदेश)
14जून,2017



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