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Maan Jaao Badal Raja

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11 -Aug-2016 Anupama Gupta Kesharwani Cloud Poems 0 Comments  1,984 Views
Anupama Gupta Kesharwani

भाग रहे हो किसके पीछे
बादल राजा आँखें मीचे
टकराते हो,भिड़ जाते हो
चलो सँभल कर,देखो नीचे।

फट पड़ते हो कभी अचानक
जल देते हो कभी फ़टाफ़ट
चलते हो तुम कड़क खटाखट
जलराशि को ख़ुद में भींचे।

नीले-भूरे-काले होते
झूम-झूम मतवाले होते
नभ में ठेलम-ठाले होते
घर-आँगन सब तुमने सींचे।

अभी यहाँ तो अभी वहाँ हो
ढूँढ़ रही,अब छुपे कहाँ हो
धक्का-मुक्की,रेलमपेला
करके तुम मस्ती में जीते।

संग ले सौ बदली की टुकड़ी
खेल रहे तुम पकड़म-पकड़ी
ढीठ हुए तुम,बात न सुनते
हुल्लड़ कोई तुमसे सीखे।

बंद करो यह छुपम-छुपाई
देखो आई तुम्हारी माई
अब जानूँ,क्यों सजा मिली
और कान तुम्हारी माँ ने खींचे!

Maan Jaao Badal Raja


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