Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

मांग में चुटकी भर सिंदूर लगा के......!!

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मांग में चुटकी भर सिंदूर लगा के...!! The hindi poem "Maang mein chutaki bhar sindoor laga ke" is dedicated by a husband to her beloved wife. In this poem the husband have described how her beloved wife changed his life by giving her love and support to him and his family.

26 -Apr-2018 pravin tiwari Beauty Poems 0 Comments  1,585 Views
मांग में चुटकी भर सिंदूर लगा के......!!

मांग में चुटकी भर सिंदूर लगा के,
बालों में गजरा सजाती है..........!

जब पहनले वो साड़ी तो,
कसी हूर से कम नहीं लगती है.........!

कल तक थी जो बेटी किसी की,
आज बहू का दर्जा वो निभाती है.........!

सास ससुर की मर्यादा के लिए,
अपने सिर पर पल्लू वो रखती है..........!

रंगीन कांच की चूड़ियों से,
सजी रहती है उसकी कलाई..........!

उसकी चूड़ियों की खनक जैसे,
मुझे पास बुलाती रहती है..........!

चलती है यूं तो वो दबे पांव,
पर उसकी पाजेब सोर मचाती है..........!

लचकती उसकी कमर के साथ,
उसकी चोटी भी लहराती है...........!

चुपके से यूं नजर उठाकर,
जब उसे मैं देख लेता हूं...........!

वो भी मुझे देख कर तब,
मन ही मन मुस्कुराती है............!

होती तब थोड़ी शरारत,
बस इशारों ही इशारों में............!

समझ कर वो मेरे इशारे,
शर्म से पानी पानी हो जाती है...........!

हुस्न तेरा देख कर मेरी जान,
मैं कुछ न कुछ लिख देता हूं............!

तुझे पाकर ओ मेरी "प्रतिभा",
मैं खुद को खुशनसीब समझता हूं...........!

प्रविण..........



Dedicated to
My swt wife pratibha

Dedication Summary
रब से मिली जो वो अनमोल सौगात हो तुम
मेरी जिंदगी की नई शुरुआत हो तुम
खुशियों की बहार हो तुम
तुम साथ हो तो‌ हर रास्ता मुझे आसान नजर आता है
जब से अर्द्धांगिनी बनके प्रतिभा मेरे साथ हो तुम.....

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