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मगर देना जन्म दुबारा तो

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17 -Jan-2020 Bijendra Aehsas Funeral Poems 0 Comments  540 Views
Bijendra Aehsas

★●मगर देना जन्म दुबारा तो●★
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मेरी ख्वाहिश है प्रभु
अपना मन का सपना
हर बार वहीं देना।
वहीं मां-बाप
वहीं भाई-बहनें
मेरे रिश्तेदार वहींं देना।
वहीं रवि राजेश शेखर
पंकज अर्पणा सपना
अंशी..मेरे यार वहींं देना।
ऐसा अगर तुझसे न हो सके तो,
फिर तू हमें नहींं देना.....
मगर देना जन्म दुबारा तो,
फिर बना एहसास हमें वहीं देना।
सोचो बिन तारों कि
आसमांं कैसा दिखेगा।
निशब्द हो जहां शब्द
वहां तो कौन क्या लिखेगा।
वहींं धन-दौलत वहींं गुरूर
मिट्टी मेरे सरकार वहींं देना।
वहींं देश राज्य जिला वहींं
गांव मेरे किरदार वहींं देना।
ऐसा अगर तुझसे न हो सके तो,
फिर तू हमें नहींं देना.....
मगर देना जन्म दुबारा तो,
फिर बना एहसास हमें वहीं देना।
कहो बिन माझा के पतंगा
दुर गगन छू पायेगा।
सांसो की बिन धड़कन
का वफा कर पायेगा।
वहींं गाय भैंसे वहींं बिल्ली
डॉगी मेरे घर-दुवार वहींं देना।
वहीं पड़ोसी मुस्कान आहट
पहचान मेरे शुद्ध-विचार वहींं देना।
ऐसा अगर तुझसे न हो सके तो,
फिर तू हमें नहींं देना.....
मगर देना जन्म दुबारा तो,
फिर बना एहसास हमें वहीं देना।
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युवा कविः विजेंद्र एहसास!
बागी बलिया, उत्तर प्रदेश।
+91-9205143324



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