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मैं हूँ कलाकार

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21 -Mar-2018 Akshunya Profession Poems 0 Comments  1,283 Views
Akshunya

मैं हूँ कलाकार,
कला से है मुझे प्यार,
करता हूँ मैं सबसे दुलार,
अच्छा हो या बुरा, नहीं है मुझे किसी से इंकार,
कोई मुझ सा मिले, मुझे रहता सदा इंतज़ार,
गलत सही सब हैं मेरे रूप, बदलता हूँ रूप हजार,
नहीं किसी से बैर, न किसी द्वेष मेरे यार,
दुनिया की तकलीफें मुझे दहलाती हैं हर बार,
उजागर कर सकूँ हर सही गलत, समाज की हर बुराई, बिना किसी डर बिना किसी माया जाल,
छल न करूँ किसी से, न कपट है मेरे पास,
बस नए समाज का निर्माण कर सकूँ, यही है सदा मेरा प्रयास,
क्योंकि एक कलाकार हूँ ।।



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