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मैं हूँ करेक्टर लेस, तुम क्यों हो जाते हो

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03 -Dec-2021 Kumar Ashish Motivational Poems 0 Comments  45 Views
मैं हूँ करेक्टर लेस, तुम क्यों हो जाते हो

मै हूँ करेक्टर लेस, तुम क्यों हो जाते हो

मै हूँ करेक्टर लेस
तुम क्यों हो जाते हो
तुम करेक्टरलेस हो जाते हो
इसलिए ही हम हो जाते है

टाइट छोटे पहन पहन
फिगर ऐड दिखाते हो
गर किसी की पड़े नजर
तो उसको ही कोसे जाते हो
तुम करेक्टरलेस हो जाते हो
इसलिए ही हम हो जाते है

सेक्सी दिखने के चक्कर में
फुल बॉडी शेव कराते हो
गोर दिखने के चक्कर मे
फेसिअल और कराते हो
तुम करेक्टरलेस हो जाते हो
इसलिए ही हम हो जाते है

देख हाँथ में दूजे फ़ोन
मन ही मन ललचाते हो
सेल्फी फ़ोन तुम लेने को
छै छै से खेले जाते हो
तुम करेक्टरलेस हो जाते हो
इसलिए ही हम हो जाते है

कर्तव्य भलाई अउ संस्कार
समाज से बिदा कराते हो
तुम दस पांच के चक्कर में
ही सब फींके पड़ जाते है
तुम करेक्टरलेस हो जाते हो
इसलिए ही हम हो जाते है



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