मैं कौन हूँ....इंसान???

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17 -Oct-2017 Shah Asad Nafis Sad Poems 0 Comments  126 Views
Shah Asad Nafis

इंसान के नाम पे मैं हैवान हूँ
मैं हैरान हूँ हताश हूँ ज़िंदा लाश हूँ
अल्फ़ाज़ ही नही क्या बताऊँ क्या सुनाऊँ
मैं तो बस मतलबी हूँ मक्कार हूँ
दुनिया के लिए एक बड़ा सा धिककार हूँ
मैं एक इंसान हूँ मैं घबरा चूका हूँ मैं टूट चुका हूँ
दुनिया की हयात से मैं भूल चूका हूँ
मैं इंसान हूँ या इंसान के नाम पे ज़िंदा लाश हूँ

कोई मुझे ऐनक से देख रहा है
कोई मुझे अँगूठी से पहचान रहा है
मेरा कोई मोल नही मुझे तो दुनिया
बाँट रहा है अंग अंग में काट रहा है
मैं एक इंसान हूँ मैं बहक चूका हूँ
मैं सहक चूका हूँ मैं एक इंसान हूँ
या इंसान के नाम पे एक ज़िंदा लाश हूँ
ज़िंदगी की हरकतों से बड़ा मौन हूँ
मैं ज़िंदा हूँ मै सचमुच ही ज़िंदा हूँ
या इंसान के नाम में एक ज़िंदा लाश हूँ
या फिर मैं कौन हूँ सचमुच मैं बड़ा ही मौन हूँ




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