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मत कर गुरुर ऐ इंसान तू

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14 -May-2019 Vaibhav Mandowara Motivational Poems 0 Comments  141 Views
मत कर गुरुर ऐ इंसान तू

मत कर गुरुर ऐ इंसान तू अपने आप पर ,
पंच तत्वों से बना तू वो मिटी का पुतला है ,
जो एक दिन पुनः इन्ही में मिल जाये गा ,
मुठी बन्द कर के आया था तू इस जहां में ,
बन्द मुठी में लाया था ज्ञान और पुण्य की शक्ति का पिटारा ,
जिसे मुठी खोल सब कुछ यही छोड़ जाना है ,
ले जाये गया तो सिर्फ तू अपने कर्मो का पिटारा ,
फिर भी न जाने तू क्यों इतना गुरुर करता है ,
दिन - रात लगा है तो सिर्फ दौलत की चाह में ,
तेरा क्या है यहा ये शरीर भी किसी और कि देन है ,
मत कर गुरुर ऐ इंसान तू अपने आप पर....।

जाना तो है ही है एक दिन उस खुदा के पास तुजे ,
तौ जाते - जाते कर जा कुछ ऐसा नेक काम ,
हो जाए गया तेरा भी नाम ,
यही दौलत तेरे साथ आऐ गी ,
जिसकी गवाही इतिहास देगा ,
कर के दिखा कुछ ऐसा ,
जिस से लिखा जाए नाम तेरा भी इतिहास के पनो में ,
युगों - युगों तक याद करे गा तुझे ये जहां ,
मत कर गुरुर ऐ इंसान तू अपने आप पर....।।

धन कभी टिका नही कभी किसी के पास ,
आज तेरे पास तो कल किसी औऱ के पास होगी ,
सदियों पहले लिखा जिसने भी किया अपने आप पर गुरुर ,
एक दिन हुआ उसकी उचाईयो का पतन ,
रख हौसला , बिन अभिमान किए करते जा तू नेक काम,
कभी नही जाए गई तुजसे तेरी कामयाबी और खुशिया ,
जिधर तू जाए गा ये सब तेरे पीछे - पीछे दौड़े आऐ गे ।

जात पात ध्र्म ये सब इंसानो के ही बनाये हुए भेद है ,
ना कोई माहेश्वरी, जैन ,सिख , ईसाई सब है एक ही मिटी के बने इंसान है ,
क्यों करते है तू एक दूसरे से भेद - भाव ,
ना कोई बड़ा न ही कोई छोटा ,
न ही कोई अमीर ना ही कोई गरीब ,
पंच तत्वों से बना ये तेरा शरीर ,
एक रोज फिर मिल जाए गा इन्ही में ,
मत कर गुरुर ऐ इंसान तू अपने आप पर.....!!!!

Writer :- Vaibhav Mandowara
Bansi, Chittorgarh {Raj.}



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