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मेहनत सफलता की कुंजी

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03 -Nov-2018 अशोक कुमार ढोरिया Hard Work Poems 0 Comments  618 Views
मेहनत सफलता की कुंजी

एक किसान था बहुत बूढा
लेकर बैठा था वो मूढा।

पुत्र थे उसके अपने चार
थे सब के सब बेरोजगार।

आपस में लड़ते थे भाई
करते नहीं थे वे समाई।

किसान ने नसीहत लगाई
कुछ काम करो मेरे भाई।

बेटों को बात समझ आई
तभी उन्होंने फाली उठाई।

सबने मेहनत कर दिखाई
नेक सफलता उनको पाई।

सब में एक आवाज़ गूँजी
मेहनत सफलता की कुंजी।

परिचय:-
अशोक कुमार ढोरिया
मुबारिकपुर(झज्जर)
हरियाणा



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