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मेरा मरना अभी Mera Marna Abhi

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31 -May-2019 Yashu Jaan Social Issues Poems 0 Comments  566 Views
मेरा मरना अभी Mera Marna Abhi

मेरा मरना अभी

छोड़ दो मेरे भाईयों को लड़वाना ,
हिन्दू, मुस्लिम कहकर बरगलाना ,
मैं बीच में खड़ा हूँ बात मुझसे करो ,
मैं डरने वाली शह नहीं हुआ ,
जो तुम मुझे धमकियाँ दे रहे हो ,
मेरा मरना अभी तय नहीं हुआ

सोचो जब हम उतरेंगे मैदान में ,
बदल देंगे मैदान को श्मशान में ,
तुम बाँट रहे इंसानियत को जो ,
धर्मों और पाखंड की दुकान में ,
अपनी बात पे अड़ा हूँ बात मुझसे करो ,
डरपोक बुजदिल अभी मैं नहीं हुआ ,
जो तुम मुझे धमकियाँ दे रहे हो ,
मेरा मरना अभी तय नहीं हुआ

राजनीति हमारे लिए श्राप है,
यहाँ जो भी माँगता इन्साफ़ है,
उसको इन दरिंदों की टोली,
कूड़े की तरह कर देती साफ़ है,
मैं खतरनाक बड़ा हूँ बात मुझसे करो,
जिन्हें किसी से भी भय नहीं हुआ,
जो तुम मुझे धमकियाँ दे रहे हो,
मेरा मरना अभी तय नहीं हुआ

छोर मचाओगे तो सोये जाग उठेंगे,
फ़िर तुम जैसे डरकर भाग उठेंगे,
तुम देखना हम समंदरों से भी,
लेकर तबाही वाली आग उठेंगे,
मै ना बेहोश पड़ा हूँ बात मुझसे करो,
यशु जान का इरादा अभी ढह नहीं हुआ,
जो तुम मुझे धमकियाँ दे रहे हो,
मेरा मरना अभी तय नहीं हुआ




यशु जान ( प्रसिद्द लेखक और असाधारण विशेषज्ञ )

संपर्क : - 9115921994



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