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मेरे घर भी आओ बुलबुल

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25 -Feb-2020 Dr Amit Jain Birds Poem 1 Comments  286 Views
मेरे घर भी आओ बुलबुल

मेरे घर भी आओ बुलबुल,
मुंडेरों पर चहचाओ बुलबुल,
ख्वाबों का कोई घरौंदा, मेरे अंगना बनाओ बुलबुल,
मेरे घर भी आओ बुलबुल,
गाना कोई सुनाओ बुलबुल,
ऐसे ना उड़ जाओ बुलबुल,
हम अच्छे इंसान हैं बुलबुल,
प्यार से दाना खिलाएंगे बुलबुल,
फलों के पेड़ लगाएंगे बुलबुल,
शर्बत तुम्हे पिलाएंगे बुलबुल,
चूजे जब तेरे आएंगे .. पालना हम लगाएंगे बुलबुल,
तेरी एक अनोखी दुनिया पेड़ों के बीच बनाएंगे बुलबुल,
मेरे घर भी आओ बुलबुल...



Dedicated to
अंकिता जी

Dedication Summary
उनके घर पर बुलबुल आयी, उनसे ही प्रेरित होकर ये कविता लिखी...

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1 More responses

  • poemocean logo
    Ankita Singh (Guest)
    Commented on 25-February-2020

    Bahut achha likha hai ..

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