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मेरी बुलबुल (बेटी)

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15 -Apr-2018 निशंक Daughter Poems 0 Comments  149 Views
निशंक

हम तेरे लिए बनाएंगे वो आशियां -(ए बुलबुल),
न खुदी हो न खुदाई तेरे मेरे दरम्यान
नाजों से पाल के परियों सी परवरिश-
बस मैं और तेरी मुस्कानों की मीठी सी बस्तियां
ये बेरहम सी दुनिया तेरे लिए नहीं है
तू जी सके यहां पर ये भी यहां नहीं है
बुलबुल की अक्सर इनने डुबायी हैं कश्तियां
बस मैं और तेरी मुस्कानों की मीठी सी बस्तियां
हम तेरे लिए बनाएंगे वो आशियां -(ए बुलबुल



Dedicated to
Girls

Dedication Summary
Cuurent scenario is becomoing henious for grlzz

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