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Meri kasam maan jaa...

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02 -Mar-2016 pravin tiwari Sad Poems 0 Comments  1,348 Views
Meri kasam maan jaa...

मेरी मोहोब्बत पे थोड़ा तो रहेम खा..॥
तनहाईओं में छोड़ कर मुझे ना जा..॥

खा ले थोड़ा तो तरस मेरी वफाओ पे..॥
अपने इस पथ्थर दिल को थोड़ी तहेजिब सिखा..॥

तेरे बगैर जिन्दगी जीने का कोई ख्वाब भी
देखा नही..॥
एस अकेले छोड़ कर मुझे जीते-जी ना जिन्दा
लाश बना..॥

तेरे दर्द को बीना कहे जाना है मैंने..॥
तेरी हर बात तो खुदा का हुक्म समझ कर
माना है मैंने..॥

मेरी नेकिओं का इस तेरा से मत मजाक उड़ा..॥
खुदा का वास्ता है तुझे मुझे और मत रूला..॥

पुछ तू खुदा से के मेरे गुनाह क्या हैं..॥
बीना सोचे ही तू उम्र भर की जुदाई की
सजा ना सुना..॥

अपनों को भी खोया बस तुझे पाने के लिए..॥
अब ये दर्द तेरे बाद किसको सुनाऊँ..॥

देख जरा मैं आया हुं तुझे मनाने अंगारो पे चलके..॥
अब प्यार को और बदनाम ना कर तुझे
मेरी कसम मान जा..॥

Dilse my ♥




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