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Meri Preet Ko Mila De

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26 -May-2016 Deepak Gandhi Sad Poems 0 Comments  934 Views
Deepak Gandhi

कतरा कतरा वहा दिया लहू तेरे ही प्यार में
तूने लौट के न देखा , हुआ बेकरार में।

खाई थी कसमे मैंने ताउम्र साथ रहने
तूने मेहदी भी न धोई पहुचे रिश्ते तकरार में।

सोचा साथ लाएगी बहारे पड़ते ही कदम तेरे
तेरी पाती भी न आई रहे इन्तजार में।

मन्दिर में हाथ जोड़े गुरूद्वारे में मत्था टेका
सजदे भी मैंने कीन्हे तेरी पुकार में।

लंगर भी मैंने कीन्हे बाबा के दरवार पर
पिंड भी भरे है माँ दुर्गा के द्वार में।

ऐ मेरे श्याम सुन ले ये मेरे खुदा सुन ले
मेरी प्रीत को मिलादे आऊंगा तेरी मजार में।



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