Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

मेरी वेदना

1
20 -Jul-2016 p.m. Break Up Poems 2 Comments  1,551 Views
p.m.

.. मेरी वेदना...


आसान नहीं है प्रेमरूपी बीज बोना,
कितने ही बार विचारना होता है..
बढ़ेगा?नहीं बढ़ेगा? बांझ तो नहीं रह जाएगा??
बहुत से प्रश्न.... .. ... ...
इसलिए नहीं कि स्वार्थ है इनकी उपज से!!
बेटी जन्मनें की तरह,
इसे सब अपनाएंगे ना?
अपने आंचल के तले बेटे की तरह?
इसकी भूख मिटा पाउंगी ना?
या मेरे अंदर ही ये,
सुला दी जाएगी...
हमेंशा की तरह,हमेशा के लिए




बीज प्रस्फुटित हो ही जाता है
कभी ना कभी,कितना भी रोको
देखो! अंकुरण होने लगा है इनमें
इसकी छोटी छोटी बिन्दुनुमा कोपलों को,
मैं सहजता से देख सकती हूँ..
अंगड़ाइयाँ लेते हुए...
कितना मार्मिक है ये...
इसे बढ़ते देखती हूँ जब,
हर बार दिल भारी हो आता है
अपना अंश,प्रेमरूपी अंश
कितना मनोहारी है ये!!!!!!
इक माँ के लिए,इक प्रेमिका के लिए.......
परस्पर सदृश प्रतीत होता है...



अब कुछ ही समय शेष है,
इसे पौधा बननें में..
या कह दूँ नौ माह होने में...
ये मुझे तनिक भी पीड़ा नहीं देता..
बहुत सुखद सा है सब,
सिर्फ इसके भविष्य से चिन्तित हूँ.....




यह क्या?? ?? ??
मेरा नहीं हमारा है यह बीज
फिर क्यूँ उजाड़ना चाहते हो?


हाँ कल को ये मुझसे लिपटकर माँ -माँ करेगी जब....
मैं कैसे दुत्कार पाउंगी?
अपनी बचकानी भूल पर जब डरकर,
ये आंखें मिचका लेगी..
ऐसी मासूमियत को कैसे डपटूँगी?
मेरी चिड़िया जब नाजुक हाथों से,
आटे की चिड़िया बनाएगी...
इसपे कैसे हाथ उठाउँगी??





सो क्यूँ ना आज ही कुचल दूँ
इस अंकुरित होते प्रेमरूपी बीज को.....
तन , मन मेरा भी छिलेगा
छिलेगा क्या मेरा हृदय फिर मरेगा आज.......
आत्मा दुत्कारेगी मेरी,
फिर भी.........



चलो मैं कुचल ही देती हूँ..
कहीं पौधा बन गया तो,
अपना कलेजा ना चीर पाउँगी.........







@p.m.@✍



 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

2 More responses

  • pratishtha mishra
    Pratishtha mishra (Registered Member)
    Commented on 08-May-2021

    @अभिषेक आर्य
    Thnkuu for feeling it....

  • poemocean logo
    अभिषेक आर्य (Guest)
    Commented on 26-April-2019

    SPEECHLESS............

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017