Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

दोहा

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31 -May-2019 Ravi Ranjan Goswami Miscellaneous Poems 0 Comments  115 Views
दोहा

बनता, बिगड़े आप ही। बिगड़ा, न बन पाये। कोशिश ऐसी चाहिये। बिगड़ा, फिर बन जाय।

सासू माँ को माँ कैसे बोल दू

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14 -May-2019 Maya Ramnath Mallah Miscellaneous Poems 0 Comments  103 Views
सासू माँ को माँ कैसे बोल दू

सासू माँ को माँ कैसे बोल दू जो मुझे अपने जिगर का टूकडा़ मान पाती नही सासू माँ को माँ कैसे बोल दू जो मेरे सर पर हाथो से सहलाती नही सासू माँ को माँ कैसे बोल दू जो मुझे परीयो की कहानी सुनाती नही सासू माँ को माँ कैसे बोल

कब्रों के बासिन्दे ।

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08 -Apr-2019 Ravi Ranjan Goswami Miscellaneous Poems 0 Comments  103 Views
कब्रों के बासिन्दे ।

कुछ लोग अब कब्रों में रहते हैं, न मालूम वे जिंदा हैं या मरे ? मैंने उन्हें कब्रों से निकलते देखा है। तेज कदम न मालूम कहाँ जाते है। न नजरें मिलाते हैं न बात करते हैं। लौटकर खुद ब खुद दफन हो जाते हैं।

नर से नारायण का सफर

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12 -Mar-2019 mannu bhai Miscellaneous Poems 0 Comments  106 Views
नर से नारायण का सफर

नर से नारायण का सफर कोटि वैभव त्रूटी लघु, जे नर पाये आंच। अतिशीघ्र उर क्रोधित कर,जीवन का यह सांच। सांच लगे बडा विषैल, क्षण भर उर न भाये। जे गरल धरे कण्ठ माहि, नीलकंठ कहलाये। नमन करे जग ताहि के, चरण झुकाये शीश। प्रेम

भूल जाने वाले !

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02 -Mar-2019 Ankita Singh Miscellaneous Poems 0 Comments  455 Views
भूल जाने वाले !

मुझसे ही हुनर सीख कर मुझे आजमाने वाले , बड़े मतलब फरोश हैं , ये जमाने वाले।। मेरा ही अक्स ओढ़ कर मेरा व्यक्तितव पाने वाले , बड़े खामोश है , मुझे भूल जाने वाले ।। © अंकिता सिंह लखनऊ YouTube channel link https://www.youtube.com/channel/UCi3Wwj4SIcn0BfkqsE7NbqQ

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