Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

कब्रों के बासिन्दे ।

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08 -Apr-2019 Ravi Ranjan Goswami Miscellaneous Poems 0 Comments  69 Views
कब्रों के बासिन्दे ।

कुछ लोग अब कब्रों में रहते हैं, न मालूम वे जिंदा हैं या मरे ? मैंने उन्हें कब्रों से निकलते देखा है। तेज कदम न मालूम कहाँ जाते है। न नजरें मिलाते हैं न बात करते हैं। लौटकर खुद ब खुद दफन हो जाते हैं।

नर से नारायण का सफर

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12 -Mar-2019 mannu bhai Miscellaneous Poems 0 Comments  70 Views
नर से नारायण का सफर

नर से नारायण का सफर कोटि वैभव त्रूटी लघु, जे नर पाये आंच। अतिशीघ्र उर क्रोधित कर,जीवन का यह सांच। सांच लगे बडा विषैल, क्षण भर उर न भाये। जे गरल धरे कण्ठ माहि, नीलकंठ कहलाये। नमन करे जग ताहि के, चरण झुकाये शीश। प्रेम

भूल जाने वाले !

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02 -Mar-2019 Ankita Singh Miscellaneous Poems 0 Comments  236 Views
भूल जाने वाले !

मुझसे ही हुनर सीख कर मुझे आजमाने वाले , बड़े मतलब फरोश हैं , ये जमाने वाले।। मेरा ही अक्स ओढ़ कर मेरा व्यक्तितव पाने वाले , बड़े खामोश है , मुझे भूल जाने वाले ।। © अंकिता सिंह लखनऊ YouTube channel link https://www.youtube.com/channel/UCi3Wwj4SIcn0BfkqsE7NbqQ

बोलना / Bolna

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03 -Feb-2019 Ravi Mistry Miscellaneous Poems 0 Comments  126 Views
बोलना / Bolna

तेरी गलियों से मेरा गुजरना क्या कम हुआ , सीड़ियों पर बैठे तेरे आशिक का इंतजार मुकम्मल सा हो गया, पर कुछ सवाल है तुझसे, क्या तेरी पेशानी की शिकंजों को उसके होंठ ऐसे ही सेहला देते है जैसे मेरे होंठ सहलाया करते थे क्या

Weekend

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11 -Jan-2019 Mubarak Hussain Miscellaneous Poems 0 Comments  88 Views
Weekend

सुनो आज फुर्सत जो मिले तुमको अपनी मसरूफ़ियतो से अपनी तमाम अज़ीयतो से और गर तमन्ना हो कुछ ऐसी के चलो निकले कुछ देर को इस जहान से और टहल के आए उस तरफ उस सड़क पर के जिसका एक मोड़ उस व्हाइट हाउस उस फार्म हाउस को जाता है

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