Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

बोलना / Bolna

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03 -Feb-2019 Ravi Mistry Miscellaneous Poems 0 Comments  86 Views
बोलना / Bolna

तेरी गलियों से मेरा गुजरना क्या कम हुआ , सीड़ियों पर बैठे तेरे आशिक का इंतजार मुकम्मल सा हो गया, पर कुछ सवाल है तुझसे, क्या तेरी पेशानी की शिकंजों को उसके होंठ ऐसे ही सेहला देते है जैसे मेरे होंठ सहलाया करते थे क्या

Weekend

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11 -Jan-2019 Mubarak Hussain Miscellaneous Poems 0 Comments  52 Views
Weekend

सुनो आज फुर्सत जो मिले तुमको अपनी मसरूफ़ियतो से अपनी तमाम अज़ीयतो से और गर तमन्ना हो कुछ ऐसी के चलो निकले कुछ देर को इस जहान से और टहल के आए उस तरफ उस सड़क पर के जिसका एक मोड़ उस व्हाइट हाउस उस फार्म हाउस को जाता है

एक अविस्मृत आकाश हूँ मैं

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24 -Dec-2018 Civil Er Akash Patel Miscellaneous Poems 0 Comments  72 Views
एक अविस्मृत आकाश हूँ मैं




कल आज और कल

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कल आज और कल

'कल' 'आज' और 'कल' एक जंग छिड़ी है... जंग-'कल' और 'कल' में एक 'कल' जो बीत गया और एक 'कल' जो आने को है, जिसके पास 'आज' है पर उस 'कल' को मंजूर नहीं कि 'आज' साथ दे इस 'कल' का, उस 'कल' को कुछ खोने का एहसास है,तो इस 'कल' को कुछ पाने की चाहत उस 'कल' ने

भागम भाग

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30 -Oct-2018 Sunil Sharma Miscellaneous Poems 0 Comments  238 Views
भागम भाग

भागम भाग महानगरों की भीड़ का एक हिस्सा बन गए है इस आपाधापी, मारामारी की जिंदगी में अपनी पहचान खो गए है | यह कैसी भागम भाग वाली दौड़ है कुछ पाने की होड़ है | उसकी कदर नहीं जो पास है कुछ नया पाने की आस है | आ कुछ नया करे इस होड़

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