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मुहब्बत में हालात.....

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22 -Jun-2020 Harpreet Ambalvee Lonely Poems 0 Comments  270 Views
मुहब्बत  में हालात.....

हर बात पर उसकी बात निकलती है,
हर याद उसकी याद से जाकर मिलती है,
मैं करना चाहूं तो भी गिला कर नहीं सकता,
हर गली, कूचे और शहर में ही नहीं,
खुदा के आगे भी उसकी चलती है,

मेरी सोच पर अब मेरा ज़ोर नहीं,
मेरे दिल में उसके सिवा कोई और नहीं,
मेरा जिस्म भी मेरे साथ तभी चलता है,
जब बुलाने वाली 'वो' हो कोई और नहीं,

दिन और रात अब पहाड़ से लगते हैं,
चंनद लम्हे भी कई साल से लगते हैं,
गुजारते होगें महबूब के बगैर लोग कई दिन,
आपने तो कुछ पल भी बेहिसाब से लगते हैं,

हर रोज उसके आने की ख्वाहिश,
ये कैसी होती है प्यार में आजमाइश,
आ जाए तो देखकर चुप्पी सी लग जाती है,
ना आए तो लफ्जों की दीवार दिल में तन जाती है,

जाने प्यार किसी को क्यों इतना मजबूर करता है,
दिल बेकाबू होकर उसके लिए धड़कता है,
सांस तो आती है जिंदगी में जीने के लिये, मगर,
बिना प्यार के मौत से भी बदतर हो कर तड़पता है,

ए खुदा किसी को मोहब्बत दो तो उसे निभाने वाला भी हो,
और एक तरफ आग कभी मत रखना,
उसमें जलकर मरन जाने वाला भी हो,

इश्क करने का तो तभी मजा आता है,
जब जीना और मरना दोनों के लिए एक हो जाता है,
लोगों के लिए यह शायद इतना मुश्किल नहीं,
जितना मेरे लिए यह आसान नहीं,
वो बदलते रहते होगें हर पल कई जिंदगियां,
हम तो एक ही जिंदगी पर गुज़र करते हैं,
अमबालवी की पहचान यही
अमबालवी की पहचान यही

मुहब्बत  में हालात.....


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