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Mother and father

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10 -Feb-2019 charaag Family Poems 0 Comments  85 Views
Mother and father

ग़ज़ल ...♪

अपने माता -पिता के सहारे हैं हम ,
उनके दरिया के बहते किनारे हैं हम ।

दिल को आयॆ तसल्ली उन्हें देख के ,
जिनकी हर इक खुशी के फ़ुहारे हैं हम।

रात दिन का तराना ये उनसे ही है ,
चाँद- सूरज मिरे दो सितारे हैं हम ।

साथ उनका ही आशीष सर पे रहे ,
वक़्त यूँ छाँव में ये गुजारे हैं हम ।

हम जो हैं आज़ उनकी वज़ह से ही हैं ,
जिनके अब खूबसूरत नजारे हैं हम ।

दर्द होता है उनको लगे चोट जब ,
प्यार करते वो आँखों के तारे हैं हम।

❥प्रदीप राजपूत "चराग़"✍

Mother and father


Dedicated to
Mother and father

Dedication Summary
I love my mother and father .

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