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'Mother and father's the life maker

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18 -Oct-2018 Pankaj Moral Education Poems 0 Comments  492 Views
Pankaj

जन्म दिया और अंगुली पकड़कर चलना तुझे सिखाया
खुद रोया रो रो कर उन्होंने तुझे हंसाया
खुद कांटों में फस कांटा पार कराया
लेकिन तुम अभागा जो कहने लगा उन्हें पराया
कह- कह कर पराया उनके सपना को ना तोड़ रे
तुम महान बनने के बदले बन जाना ना चोर रे
बहुत की थी आशाएं जब उन्होंने तुझे पाला
बड़ा हो न देना दबा कभी तुम उनका गला
ऐसा काम करो जिससे होय सबका भला
इन बातों को सोच तुम खोल बंद अकल का ताला रे
नहीं तो तुम भी कहे जाओगे अनाथ आश्रम वाला रे
9-9 माह मा ने तुझको पेट में लेकर घुमा
जन्म हुआ तो तुम्हें झूमाते हुए झूमा
ध्यान रखा इतना कि तू हुआ न कभी अकेला रे
अंत समय में तू क्यों उन्हें वृद्ध आश्रम में धकेला रे
अंत समय में फिर क्यों बने हैं आश्रम में अकेला रे



Dedicated to
My parents

Dedication Summary
I am because of my life and my life is because of my parents so not only me all of us can not compare ourselves to parents .....

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