Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

माँ ममता की खान

0
11 -May-2022 nil Mothers Day Poem 0 Comments  121 Views
माँ ममता की खान

माँ ममता की खान गागर अमृत रस भरी,माँ ममता की खान थाह खोजते थक गए,सच मानो इन्सान माथा जब माॅ चूमती,होऔलाद बिभोर पुलकित तन मन नाचता,जैसे वनमें मोर सहस्त्र किरन कीरोशनी,माँ चौदहवीं चाँद घोर अमावस रजनि का,तार तार उन्

मेरी माँ और मैं

0
09 -May-2022 Musafir Mothers Day Poem 0 Comments  47 Views
मेरी माँ और मैं

*ग़ज़ल* *(on माँ)* हालात के तूफ़ान जब मुझे कभी सताने लगे है लफ्ज़ दुआ के फिर माँ के लबों पर आने लगे है गरीबी में भी हमें पालती रही शहज़ादों की तरह अपना नया जोड़ा बनाने में माँ को ज़माने लगे है उठाए जो हाथ माँ ने दुआओं में मेरी खा

ग़ज़ल : माँ

0
09 -May-2022 Musafir Mothers Day Poem 0 Comments  25 Views
ग़ज़ल : माँ

*ग़ज़ल* *(on माँ)* ज़माने की ठोकरें हम खाते रहे मगर चलते रहे माँ की खातीर हालात की तपीश में जलते रहे माँ की तालीम ने भटकने ना दिया कभी राह से सब थे बिगाड़ने को बेताब मगर हम संभलते रहे जो रखे क़दम घर से बाहर कमाने की खातीर अलफ़ा

मांँ कल्याणी होती हैं ।

0
09 -May-2022 Buddha Prakash Mothers Day Poem 0 Comments  136 Views
मांँ कल्याणी होती हैं ।

मांँ तो मांँ होती है, कौन जाने यह ? वह कब क्या होती हैं , हर पल तो कल्याणी होती हैं, ममता से अपनी झोली भर देती है, आंँचल से अपने छाँव देती है, सुख की देवी दुख हर लेती हैं, बच्चे उनको प्राणों से भी प्रिय होते हैं, आशीर्वाद

माँ तुम मुझे...

0
18 -Dec-2021 ताज मोहम्मद Mothers Day Poem 0 Comments  153 Views
माँ तुम मुझे...

माँ तुम मुझे... बहुत याद आती हो, आंखों में मेरे... तुम नीर ले आती हो। जब ससुराल में सासू माँ की डांट पड़ती है। तवे पर आटे की रोटी ना जब गोल बनती है। तब माँ वह... रसोई की तेरी सीख याद आती है, माँ तुम मुझे... बहुत याद आती हो। माँ

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017