Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

माँ तुम बिल्कुल वसंत जैसी हो!

1
08 -Feb-2020 Ankita Singh Mothers Day Poem 0 Comments  539 Views
माँ तुम बिल्कुल वसंत जैसी हो!

चिरागों में, रोशनी अनंत जैसी हों I माँ तुम बिल्कुल , वसंत जैसी हो I घर की तुलसी में , पूजा का मंत्र जैसी हो l माँ तुम बिल्कुल , वसंत जैसी हो l सिर ढके आँचल में , कोई अधिकार स्वतंत्र जैसी होl माँ तुम बिल्कुल , वसंत जैसी हो l वि

एक तू ही मेरे लिए खाश है... मां....!!!

0
29 -Jan-2020 pravin tiwari Mothers Day Poem 0 Comments  285 Views
एक तू ही मेरे लिए खाश है... मां....!!!

रब की बनाई इस दुनिया में, एक तू ही मेरे लिए खाश है... मां...! तुझसे ही है ये वजूद मेरा, तुझसे जुड़ी मेरी हर आश है....मां...! वक्त के पन्ने जब पलटू तो, बचपन की सुनहरी याद है.....मां.....! लिपटा रहता तेरे आंचल से, तेरे आंचल की मीठी छांव

हिन्द की बेटी

0
23 -Jan-2020 Vaishno Khatri Mothers Day Poem 0 Comments  340 Views
हिन्द की बेटी

हिन्द की बेटी हूँ मैं हिन्द की बेटी, बनी रहूँगी, सारे विश्व की सरताज़। भारत बना अनुपम, स्वर्ण-विहान का अग्रदूत है आज। अबला न समझो मुझको असीम शक्ति की हूँ भण्डार। कमला बन कल्याण मैं करती दुर्गा बन करती संहार। शांति-

ममता की देवी

0
13 -Oct-2019 सुमित.शीतल Mothers Day Poem 0 Comments  236 Views
ममता की देवी

मेरी मम्मी ममता की देवी है प्यारी, जो है मुझको अपनी जान से भी प्यारी। सिर पर रहे सदा हाथ उनका, रहूं बनकर सदा दास उनका। बचपन में अपने हाथ से खिलाया, दी अपनी ममता की अनमोल छाया। बुरी आदतो, कर्मों से सदा रखा दूर, अच्छी आ

‘माँ’ तेरी लोरियाँ

0
13 -Sep-2019 Mothers Day Poem 0 Comments  279 Views
‘माँ’ तेरी लोरियाँ

माँ वो तेरी लोरियाँ तेरी थपकियाँ भी याद हैं करूणा वो तेरी, ममता वो तेरी तेरा प्रेम जो अगाथ है हो मुश्किलों कितनी भी चाहें आधियाँ जितनी चलें बचपने में माथे का टीका आज भी मेरे साथ है कागज के टुकड़े जोड़ने में मैं दूर त

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017