Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

पढ़ लिया

0
08 -May-2021 N.K.M.[ LYRICIST ] Mothers Day Poem 0 Comments  136 Views
पढ़ लिया

MOTHER-SONG :- पढ़ लिया LYRICIST :- N.K.M. [ +916377844869 ] LYRICS :- ::::::------ INTRO PART :::::--- आज सुनानी होगी तुमको दु:ख भरी कहानी, आज बतानी होगी तुमको बीती बातें पुरानी, तू कहां रहता है, मां का पता क्या है तुझे... तेरी रगों में क्या बहता है, अंदाज़ा इसका है क्या तुझ

प्रेम की मूरत

0
01 -May-2021 Mamta Rani Mothers Day Poem 0 Comments  204 Views
प्रेम की मूरत

प्रेम की मूरत माँ तेरे बिना इस दुनियां में ,कहीं भी जन्नत नहीं तेरी बस रहमत रहे, दुनियां से कोई भी मन्नत नहीं सर पे सदा तेरा हाँथ रहे, दिल में प्यार बेशूमार रहे माँ गर ख़फ़ा हो ,उस रब की भी कोई रहमत नहीं जग सूना ये संसार

Maa Ki Abhilasa

0
24 -Apr-2021 Ravi Gangwar Mothers Day Poem 0 Comments  153 Views
Maa Ki Abhilasa

मां की अभिलाषा जब पहली धड़कन धड़की थी इस दिल में उस गोद को छोड़ कहाँ जाऊ मै जब पहली बार देखा था इस जग में तेरा ही चहरा देखा था मैने जिंदगी को जीना सिखाया तुमने हर मुश्किल से लड़ना सिखाया तुमने अपना निवाला भी मुझे द

हर बार तुम्हारी ममता

0
25 -Mar-2021 सिद्धार्थ पांडेय Mothers Day Poem 0 Comments  168 Views
हर बार तुम्हारी ममता

हर बार तुम्हारी ममता, हर बार तुम्हारी आंखें। रहतीं बेचैन हमेशा , हर बार राह ही ताकें। हर बार तुम्हारी ममता, हर बार तुम्हारी आंखें। तेरे पल्लू को पाकर, मैंने पाई है कितनी मस्ती। तेरे स्नेह के पट से ,मैंने पाई है अपन

Aanchal me chupa lena

0
17 -Mar-2021 Pragya Sankhala Mothers Day Poem 0 Comments  190 Views
Aanchal me chupa lena

Aanchal me chupa Lena najar meri utaar dena Thak Chuki hai aankhe Thoda sa sula de maa Bahut ho chuke ham toh bade Phir se Baccha bana de maa Nahi mangnge ab kuch bhi Bas hath se khana khila de maa Sab kuch ham maan lenge Koi shikayat Phir na karenge Ruthkar tujse ab ham kabhi Yu na Baith jaya karenge Rokar ham tujhe maa Phir na rulaya karenge Tujse dur ab kabhi na jaya karenge Najaro se Teri ojhal na hoge maa Bas apne pass bula le maa

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017