Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

-----:"मेरी माँ.........":-----

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10 -May-2020 BABUL KUMAR SINGH Mothers Day Poem 0 Comments  92 Views
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आँखो में जिसने मुझे बसाया सीने से जिसने मुझे लगाया; हर क्षण मैंने जिसे सताया खूब सताया- खूब रुलाया वो है मेरी माँ महान, मुझमे मे बसती उसकी जान! नन्हा से जिसने बड़ा किया अपने पैरों खड़ा किया अपने दुःख को झेलकर, उपकार ज

----:"माँ छोड़ मुझे तू कहाँ चली.......":----

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10 -May-2020 BABUL KUMAR SINGH Mothers Day Poem 0 Comments  156 Views
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माँ छोड़ मुझे तू कहाँ चली! तूने मुझे जन्म दिया ,पाल पोश कर बड़ा किया; सोची थी कुछ और करूँ ,थोड़ा सा दुःख और सहूँ जब ये बड़ा हो जाएगा, मेरा मान बढ़ाएगा तू सोच कर ये चली, माँ छोड़ मुझे तू कहाँ चली! कभी किसी तकलीफ को मैंने जीवन मे

कितना भी लिख दूं कम पड़ जाता है मां

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09 -May-2020 Sushil Kumar Mothers Day Poem 0 Comments  10 Views
कितना भी लिख दूं कम पड़ जाता है मां

परेशानी चाहे जितनी भी हो हमारे लिए मुस्कुराती है मां हमारी खुशियों की खातिर दुखों को भी गले लगाती है मां हम निभाएं या ना निभा पाएं अपना फर्ज लेकिन हर फ़र्ज़ निभाती है मां हम जो देखते हैं सपना उसे सच बनाती है मां साय

वो मेरी मां.....

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09 -May-2020 DassY Mothers Day Poem 0 Comments  132 Views
वो मेरी मां.....

मां वो मेरी मां तेरे बिना सुना सा लगता जहां वो मेरी मां तेरे लिए भटकता रहा रोज यहां हां मां मैं हार गया अब बता तू छुपी है कहां मां आजा तेरे बिना सुना सा लगता जहां हां मां वो मेरी मां.. वो.... छोड़ गई तू मुझको क्यूं जमाने

---:"माँ की गाथा":---

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03 -May-2020 BABUL KUMAR SINGH Mothers Day Poem 0 Comments  237 Views
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माँ की गाथा सूनो ओ लोगों,आज इसे मैं सुना रहा क्या होती है माँ इस जग में,आज इसे मैं बता रहा! एक देवी जो जनकर हमको, इस दुनिया मे लाती है कोख मे अपने रखती है, और अपना दूध पिलाती है! नवजीवन माँ ही देती है, इनका तुम सम्मान कर

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