Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

Badalte Rishte

16
07 -Mar-2015 RAKESH RANJAN TIWARI Mothers Day Poem 0 Comments  3,885 Views
RAKESH RANJAN TIWARI

जिस माँ ने गोद में खिलाया आज वह माँ है खाने को तरसी
जिस माँ ने अपना पेट काट कर खिलाया वह माँ है खाने को तरसी
माँ ने तिन बेटों में तो कोई भेद नही किया पर तिन बेटो ने एक माँ को भेद किया
कैसी है यह बेरहम रिश्ते की एक नवागंतुक के आगमन पर बेटें माँ को ही भूल गए
बेटों ये न भूलो की माँ है तभी आप हैं माँ की इज्जत करो माँ को न तरसाओ
जिंदगी में आगे बढ़ना है तो माँ पिता की इज्जत करना सीखो
जिस माँ ने गोद में है खिलाया उसे खाने को न तरसाओ
माँ की आह लगी तो नस्ट हो जायेगा समस्त एश्वर्य
आह नहीं आशीर्वाद की चाह रखो तभी होगा पूर्ण एश्वर्य
तभी होगा पूर्ण एश्वर्य



Dedicated to
सभी माँ को

Dedication Summary
सभी माँ को

 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017