Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

Maa Ki Mamta

5
11 -Mar-2014 Lekha Krishnakumar Mothers Day Poem 4 Comments  2,913 Views
Lekha Krishnakumar

मैं ने पूछा शिक्षक से,
“क्या होती है माँ की ममता”?
शिक्षक बोले, “हे मूर्ख!
न जाने तू माँ की ममता?
माँ है जननी, माँ ही देवी,
माँ से ही सनसार है बनता|”

मैं ने पूछा यारों से,
“क्या होती है माँ की ममता”?
यार बोले, दोस्त भोले,
“तू क्यों न जाने माँ की ममता?
माँ से खाता, माँ से पीता,
माँ न होती तो तू कैसे पलता?”

यह सुनकर मेरा दिल घबराया,
क्या यह होती है माँ की ममता?
फिर मैं ने अपने दिल से पूछा,
क्या यह लिखने की है मुझमें क्षमता?
दिल बोला, “मेरे यार,
तू क्यों होता है बेकरार?
लेकर अपनी कलम की धार,
लिख डाल पंक्ति दो या चार|”

घर में चलती है माँ की सरकार,
गलती करूँ पडती है मार|
माँ की डाँट जैसै तलवार,
करे वार पर बिना ही धार|

पर जानूँ मैं इस आड के पार,
करती है वो तो मुझ से प्यार|
वो तो है बडी जानकार,
समझे दिल की इक इक तार|

प्रभू की लीला अपरम पार,
रखूँ मैं बिनती उनके द्वार,
चाहे जनम हों मेरे हज़ार,
माँ यही हो, हर बार, बार बार||



 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

4 More responses

  • poemocean logo
    Laljee Thakur (Guest)
    Commented on 01-June-2015

    Wow ...heart touching poem.....

  • Manisha shukla
    Manisha shukla (Registered Member)
    Commented on 09-June-2014

    Good.

  • poemocean logo
    Shyam Mohan (Guest)
    Commented on 30-April-2014

    I love mom.

  • poemocean logo
    Kalyan Singh (Guest)
    Commented on 11-March-2014

    good peom .pl. see my peoms Maa Ko Samjho,Kahar,Poora Kar Matdann,Bahu ki Sartien in poem ocean.

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017