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चल कहीं दूर इस जहां से परे.....!!

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10 -Aug-2018 pravin tiwari Motivational Poems 0 Comments  77 Views
चल कहीं दूर इस जहां से परे.....!!

चल कहीं दूर इस जहां से परे, जंहा नफ़रत की हवा ना बहे.......! मिलती हो धरती जंहा, अपने ही आसमान से..............! ऐसी दुनिया की चल, कहीं तलाश हम करें...............! गुंजे फिज़ा भी जंहा, मोहब्बत के तरानों से..............! हर दिलो में छलकता, प्यार का द

Fir se chali hu

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10 -Jul-2018 deepika manghnani Motivational Poems 2 Comments  425 Views
Fir se chali hu

बिखरी यादों को समेटे, टूटे कुछ ख्वाबो को लेके, फिर से चली हूँ मैं ....कुछ सपनो को संजोने !! फिर से चली हूँ , ढूंढ़ने कुछ खुशियों के कोने !!! बहते उन आँसुओ को पोचके, जाती मुस्कान को कुछ लम्हे और रोकके , जुकता सर फिर से उठाकर, ट

कोशिश

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12 -Jun-2018 Madhu Motivational Poems 4 Comments  643 Views
कोशिश

कोशिश कर कोशिश कर ,मत डर हर मुश्किल का हल निकलेगा , आज नहीं तो कल निकलेगा| उगते सूरज की मुस्कान, देख और खुद को पहचान| तुझमे है शक्ति अपार, ऊर्जा का तू कर संचार| एकाग्रता मन में समेट, निष्चय को करले बुलंद| श्रम जो करता जा

खुदा भी क्या कमाल करता है

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02 -Jun-2018 Hlb Motivational Poems 0 Comments  311 Views
खुदा भी क्या कमाल करता है

खुदा भी क्या कमाल करता है! हाथो मे लकीरे खींच दी तूने और ईन्सान अपना हाथ ज्योतिष को दिखाता है! आंखे ब्लेक और व्हाइट दी और ख्वाब रंगीन दिखाता है! रहने के लिए नाम दिया फ्लेट और आवास high-heel दिखाता है! ईन्सान चाहे कितने भी

आगे बढ़ो

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25 -May-2018 Satya Prakash Motivational Poems 0 Comments  348 Views
आगे बढ़ो

हँसते हुए उठेंगे हम गिरकर भी फिर सम्भलेंगे हम, धीरे ही सही मगर लगातार बढ़ेंगे कदम, चलते रहेंगे, चलते रहेंगे हम रुकना मना है थकना मना है हमको आगे बढ़ना है मंजिल तक का रास्ता खुद को गढ़ना है सीखकर सीखाकर समझकर समझाकर हा

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