Latest poems on teachers day, sikshak diwas kavita

थकान और थकावट

0
10 -Dec-2018 सुमित.शीतल Motivational Poems 0 Comments  121 Views
थकान और थकावट

नमस्ते साथियों, कविता: थकान और थकावट थक कर चूर हो गया ये शरीर का हर अंग, फिर भी जाने कंहा तक चलना है। जाने कंहा मिलेगी मंजिल, नजर नही आ रहा अभी कोई आशियाना। ये झंझट, ये रोड़े-पत्थर बड़ी मुसीबते है, पड़ रही क्यों मुझ पर

Jugnu jindgi ka / जुगनू जिंदगी का

0
06 -Nov-2018 shalu L. Motivational Poems 0 Comments  123 Views
Jugnu jindgi ka / जुगनू जिंदगी का

Jugnu Jindgi ka / जुगनू जिंदगी का जहाँ तेरे ही लिए बना है लम्हा हर खुशियों का सोच को बना आईना देख नजारा इस दुनिया का घबराता है क्यू कर सामना हर मुश्किल का अंदरे है तो बना तू खुद को जुगनू जिंदगी का ना डर रात से कुछ देर का है यह अ

कर्म करो

0
02 -Nov-2018 Naren Kaushik Motivational Poems 0 Comments  198 Views
कर्म करो

ना घंमण्डं करो ना शर्म करो करना है अगर तो कर्म करो। जीवन सफल हो जायेगा बस यारों अपना कर्म करो। कर्म प्रधान इस धरती पे कर्मों का महत्व सबने बतलाया है गीता में श्रीकृष्ण ने आईना कर्मों का दिखलाया हैं। जो जैसा करता

घबराना नहीं .....

2
28 -Oct-2018 Sunil Sharma Motivational Poems 0 Comments  255 Views
घबराना नहीं .....

घबराना नहीं ..... जानता हु तू परेशान है पर घबराना नहीं अपने को अकेला जानना नहीं मै तेरे साथ हूँ भूल जाना नहीं | मुश्किल कुछ नहीं है खड़ा हो सके कोई तेरे सामने किसी में इतना दम नहीं है | यह मत सोचो क्या खोयोगे यह सोचो क्या

पहचान / Pehchan

0
11 -Oct-2018 Pankaj Motivational Poems 0 Comments  560 Views
पहचान / Pehchan

अपने दिल में एक आरमान जगा के निकला हूं, अपने सर पर आसमाँ उठाकर निकला हूं, मैं एक दिन बुलंदियों पर पहुंचूँगा । तब देखना दुनिया वालों दिल में ऐसी सोच बिठा के निकला हूं। जान रहे या रहे केवल जहान अपनी बनेगी एक अलग पहचा

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017