Latest poems on indian republic days, 26 january, gantantra diwas, swadhinta diwas

लालटेन की रोशनी में पढ़ के मैंने I.A.S बनते देखा है

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21 -Apr-2018 Vikas Kumar Giri Motivational Poems 0 Comments  51 Views
लालटेन की रोशनी में पढ़ के मैंने I.A.S बनते देखा है




कभी जिंदगी खुद के, हिसाब से तो जी कर देख........!

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10 -Apr-2018 pravin tiwari Motivational Poems 0 Comments  129 Views
कभी जिंदगी खुद के, हिसाब से तो जी कर देख........!

कभी जिंदगी खुद के, हिसाब से तो जी कर देख........! औरों को देख मायूस होना छोड़, कभी अपने अंदर भी तो झांक कर देख.........! तेरी कमियां और खुबियां, जब तुझे पता चल जाएगी..........! हर रास्ते तेरे आसान होंगे, हर मंजिल तुझे तब पास नजर आएगी.......

अभी तो बस चला हूँ मैं, बिन अकाद के ही खड़ा हूँ मैं|

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30 -Mar-2018 vaibhav bundele Motivational Poems 0 Comments  107 Views
अभी तो बस चला हूँ मैं, बिन अकाद के ही खड़ा हूँ मैं|

यह कविता हर उस शख्स की है जो अभी-अभी ज़िन्दगी के तौर-तरीके सिख रहा है और अपने पैरो पर खड़ा होने का प्रयास कर रहा है| उस रस्ते पर कितनी कठिनाइयों का सामना करते हुए आगे बढ़ता है, कितना कुछ सीखता है| आइये इस कविता के ज़रिये ज

रास्ते हैं अनेक जीवन के

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28 -Mar-2018 Akshunya Motivational Poems 0 Comments  77 Views
रास्ते हैं अनेक जीवन के

यम और चित्र गुप्त बैठे थे अपने सिंहासन पर, खोल रहे थे बही कर रहे थे लेखा जोखा लोगों के कर्मों का, इतने में एक मधुर आवाज ने था उनको टोका, कौन हो तुम देवी, क्यों तुमने है हमें रोका, मैं हूँ जिंदगी, इस मानव ने है मुझे दिया

जीवन रेखा है कितनी छोटी

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28 -Mar-2018 Akshunya Motivational Poems 0 Comments  81 Views
जीवन रेखा है कितनी छोटी

जीवन रेखा कितनी छोटी है!!! जीवन रेखा छोटी बहुत है, पर जाना बहुत है दूर, जीने की मुझमें ललक बहुत है, अंत का सोचना है फिजूल। अभी तो देखने हैं सपने हजार, फिर उनको करना है पूरा देकर प्रेम अपार, रंग बिरंगी तितली सा यह जीवन, इ

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