Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

जीना मैंने सीख लिया है

0
28 -Mar-2022 Prashant Singh Motivational Poems 0 Comments  37 Views
जीना मैंने सीख लिया है

गमों को सहना मौज में रहना कांटो पर चलना सीख लिया है, दर्द भारी आहों को भी घूंट-घूंट कर पीना सीख लिया है , अब जीना मैंने सीख लिया है । अपने - परायों की चाह नहीं जो ना मिले उसकी परवाह नहीं मिलने वाली हर चीज़ों से दिल लगा

"अन्दर की कुलबुलाहट"

0
09 -Mar-2022 Renu Kapoor Motivational Poems 0 Comments  95 Views

मेरे अन्दर की कुलबुलाहट, तलाश रही थी अपना शिकार । इधर-उधर झाँक रही थी । अगल बगल ताक रही थी । मगर कोई नजर नहीं आया। शिकार तो हो मन भाया । तभी बिजली सा मन में कौधा। तू तो है महान योद्धा । क्यों असहय लाचार को शिकार बनाता

अशांति का सबब

0
08 -Mar-2022 Ravi Motivational Poems 0 Comments  318 Views
अशांति का सबब

जानता है सब जग में, शांति ही सुख का कारक है, अहम भरी सोच ही, विध्वंसकारी युद्ध का विचारक है। जियो और जीने दो का सच, हम सब खूब जानते हैं, पर स्वार्थ में, आसानी से इसको दरकिनार कर‌ जाते हैं। हर देश के लोगों के लिए, बसर के

डर कर लक्ष्य कोई पाता नहीं है ।

0
08 -Mar-2022 Buddha Prakash Motivational Poems 0 Comments  181 Views
डर कर लक्ष्य कोई पाता नहीं है ।

बड़े बड़े लक्ष्यों से, डगमगाता नहीं मानव पुतला , प्राण बसे इसके अंदर है , मुसीबतों से घबराता नहीं है । डर कर लक्ष्य कोई पाता नहीं है ।।१। संघर्ष करता डटा रहता है , कोशिशे अंत समय तक करता है , 'लक्ष्य' है तय किया है पाने

एक नई सुबह की शुरुआत करेंगे।

0
03 -Mar-2022 ताज मोहम्मद Motivational Poems 0 Comments  142 Views
एक नई सुबह की शुरुआत करेंगे।

एक नई सुबह की शुरआत करेंगे। जिदंगी अपनी काम के नाम करेंगे।। बहुत हो गई जग में अपनी हसाई। बुराई वालों से तारीफे तमाम सुनेगे।। मुहब्बत को सनम पर छोड़ते है। गर चाहत होगी तो इजहार करेंगे।। ना लेंगे पल भर का भी आराम।

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017