Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

पहुंचा ना घर

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02 -Mar-2022 DeepJangra Motivational Poems 0 Comments  72 Views
पहुंचा ना घर

*****पहुंचा ना घर***** गुनमान सफ़र बेनाम डगर और राह अधूरी सूनी सी अंधेरों का साया था मगर बेबाक़ चला पहुंचा ना घर मैं दौड़ सका ना रुका कभी अंतरमन से ना झुका कभी सीने पे झेल गया दुःखों को बारिश तूफां में रुका ना पर बेबाक़ चला प

नया सवेरा लाने को

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15 -Feb-2022 Prashant Singh Motivational Poems 0 Comments  241 Views
नया सवेरा लाने को

अंधियारे में निकला हूं मैं, नया सवेरा लाने को। है वजूद मेरा भी, जग को ये बात बताने को जुगनू बनकर निकला हूं सूरज सा तेज पाने को जो कहते थे मै हार चुका हूं उनको विजय बिगुल सुनाने को अंधियारे में निकला हूं मैं, नया सवेर

तू उठ फिर प्रयास कर

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03 -Feb-2022 Prashant Singh Motivational Poems 0 Comments  397 Views
तू उठ फिर प्रयास कर

तू उठ फिर प्रयास कर,तू उठ फिर प्रयास कर। हार न जा तू कुछ हारों से हार नहीं ये शिक्षाएं है, गिर उठ,फिर तू चल ये तेरी परीक्षाएं है जीत जाएगा तू एक दिन अपने आप पर विश्वास कर तू उठ फिर प्रयास कर,तू उठ फिर प्रयास कर। करने स

"हवाई-जहाज बनी साईकिल"

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18 -Jan-2022 Ravi Motivational Poems 0 Comments  249 Views

ज़िन्दग़ी कैसे-कैसे कहॉं से कहॉं ले जाती है, जूनुनी मेहनत भी कहॉं से कहॉं पहुॅंचाती है। ये उनसे पूछो जिससे किसी ने सोचा नहीं था, जिसने मेहनत के आगे कभी घुटने टेका नहीं था। कड़ी मेहनत और लगन से तक़दीर बदलने की, दुनि

जीत

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16 -Jan-2022 rtripathi Motivational Poems 0 Comments  261 Views
जीत

समय लगेगा तो लग जाने दो उम्मीदों के परिंदे को उड़ जाने दो हम हार के बैठे हैं जीत जाने को मुद्दत भी लगे तो लग जाने दो हम ठान के बैठे हैं जीत जाने को।। वादा नहीं बस इरादों का भरोसा है समा हार का टूटेगा वक्त भी इस दौर का

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