Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

दृढ़ संकल्प

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14 -May-2021 Sweta Kumari Motivational Poems 0 Comments  342 Views
दृढ़ संकल्प

माना कि, हाहाकार मचा है, जिसका मन पर प्रहार बड़ा है, इससे पहले भी, हमने अपनो को खोया, खून के आँसू, उस पर दिल रोया, पर, इसबार आकार बड़ा है, जिसका मन पर प्रभाव पड़ा है। उसका भी व्यापार बना है, नेताओं का अखाड़ा सजा है, मन में अंध

आज का मानव

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12 -May-2021 Krishna Sharma Motivational Poems 0 Comments  371 Views
आज का मानव

कविता का शीर्षक: आज का मानव लेखक: कृष्णा शर्मा स्वरचित क्या हुआ आज के इंसा को जो सत्य ना बोला करते हैं है तिमिर अंधेरा जीवन पर इत उत डोला करते हैं हाथों पर बनी लकीरों में तकदीरे ढूंढा करते हैं लालच ही लालच भरा हुआ न

पथिक की मंजिल पाने की चाह

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12 -May-2021 Krishna Sharma Motivational Poems 0 Comments  204 Views
पथिक की मंजिल पाने की चाह

कविता का शीर्षक:- पथिक की मंजिल पाने की चाह लेखक:- कृष्णा शर्मा स्वरचित कविता बिरह बिरहन वेदना सब व्यर्थ है साकी यहां मैं हूं पथिक चलता रहूंगा कुछ ना बाकी अब यहां मंजिलें कांटे भरी हो या हो जख्म पर खार सी कुछ ना मुश

हार और जीत

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05 -May-2021 rtripathi Motivational Poems 0 Comments  329 Views
हार और जीत

हर हार की हर जीत की इस ज़िन्दगी के नीति की है,वह भी दृढ़ी तू भी दृढ़ी फिर क्यों डरा?है क्यों रूका? तू भी जला अपनी अलक---- यू हार कर रूक न सही हर पल उस संकल्प की कर साधना उस पूर्ति की जब है ललक तेरी एकलव्य सी तू भी बढ़ा अपन

वसन्त तिलका छंद ("मनोकामना")

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21 -Apr-2021 Naman Motivational Poems 0 Comments  300 Views
वसन्त तिलका छंद (

वसन्त तिलका छंद ("मनोकामना") मैं पूण्य भारत धरा, पर जन्म लेऊँ। संस्कार वैदिक मिले, सब देव सेऊँ।। यज्ञोपवीत रखके, नित नेम पालूँ। माथे लगा तिलक मैं, रख गर्व चालूँ।। गीता व मानस करे, दृढ़ राह सारी। सत्संग प्राप्ति हर ले,

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