Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

मन से लिखता हूँ

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07 -Feb-2019 Narendra Motivational Poems 0 Comments  202 Views
मन से लिखता हूँ

मन से लिखता हूँ तो दिल रूठ जाता है।। दिल से लिखो तो कलम रूठ जाती है।। सपनों के लिए जिओ तो अपने रूठ जातें है।। अपनो के लिए जिओ तो सपने दूर हो जातें है।। यही तो दुनिया की सबसे बड़ी उलझन है जो हमें सब कुछ सुलझना सिखलाती

गज़ल "मैं ज़मीं पर चाँद लाना चाहता हूँ"

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07 -Feb-2019 Rohit kumar Ambasta Motivational Poems 0 Comments  290 Views
गज़ल

मैं गज़ल ऐसी सुनाना चाहता हूँ आसमाँ को भी झुकाना चाहता हूँ है नहीं चाहत कि आँखों में रहूँ मैं दिल में तेरे आशियाना चाहता हूँ है मेरी दुनिया बहुत ग़मगीन यारो फिर भी थोड़ा मुस्कुराना चाहता हूँ है नहीं मुझको सितारो की

Tum phir zinda ho jana

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02 -Feb-2019 Narendra Motivational Poems 0 Comments  301 Views
Tum phir zinda ho jana

जीवन के सफर पर... कदम लड़खड़ाएंगे तो हैं ही... पर तुम संभल जरूर जाना गिरना तो होता रहता है, पर तुम उठना मत भूल जाना, कई सपने तुम्हारे, खिले बगैर मुरझा जाएंगे, पर तुम सपने देखने से मत घबराना.. आंसू तुम्हारी आँखों से बहने के

असफलताएं

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24 -Dec-2018 Civil Er Akash Patel Motivational Poems 0 Comments  231 Views
असफलताएं




थकान और थकावट

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10 -Dec-2018 सुमित.शीतल Motivational Poems 0 Comments  433 Views
थकान और थकावट

नमस्ते साथियों, कविता: थकान और थकावट थक कर चूर हो गया ये शरीर का हर अंग, फिर भी जाने कंहा तक चलना है। जाने कंहा मिलेगी मंजिल, नजर नही आ रहा अभी कोई आशियाना। ये झंझट, ये रोड़े-पत्थर बड़ी मुसीबते है, पड़ रही क्यों मुझ पर

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