Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

MARD...

0
27 -Apr-2013 Chandan Rathore Motivational Poems 0 Comments  4,158 Views
Chandan Rathore

POEM No.91
-----------
मर्द
------------
कहाँ हैं वो मर्द, कहा है वो हमारे हमदर्द
कहाँ हैं वो दरिन्दे ,जो दे रहे हैं अपनी बहनों को दर्द

जो बन गये हैं हमारे दुश्मन, बचाने अब हमें आएगा कोनसा मर्द
कोन आता हैं होश में और देखना है अब कोन बनता हैं सबसे पहले मर्द

छुप रहे हैं घरों में अपने , इंतजार हैं क्या अपने पे बितने की
कब जागोंगे और कितना भागोंगे , सीमा भी पार कर ली अब तो जुल्मो की

आश ना रखों अब बिके हुए इंसानों से
बन जाओ मर्द और निकल जाओं आशियानों से

खुबसूरत बनाना हैं समाज तो, हमें आगे आना होगा
कर रहे समाज को जो गन्दा ,उन्हें आज हमें मिलकर हटाना होगा

बनों नोजवान तुम ना घबराओ अब इन भुत पिसाचों से
कब तक डरोंगे कब तक सहोंगे, अब भिड जाओ इन हेवानो से

सजा इन्हें देनी हैं या मोज मनवाओंगे जेलों में
जितना दर्द उन्हें हुआ क्या दे पाओंगे उन्हें जेलों में

सब अपना मत देते हैं पर कोई ना हाथ बढ़ता
दुनिया की नजर में रे बंधें ,तू कायर कहलाता
जो रक्षा करता सब की वो मर्द कहलाता

अपने समाज की बुराई को जो जड़ से मिटाता
ओरत को ओरत जो समझे वो मर्द कहलाता
मर्द बन जाओ रे इंसानों अब तो मर्द बन जाओ

आपका शुभचिंतक
लेखक :- चन्दन राठौड़
9:37 PM 27/04/2013



 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017