Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

मुहब्बत

0
11 -Apr-2021 Deniro Salam Sad Poems 0 Comments  75 Views
मुहब्बत

गुजरता रहा इश्क़ मुसलसल ,
हमें तो यादों ने बेघर कर दिया ।
ठहरा रहा वो किनारों में कहीं,
बहते फ़िज़ाओं ने उनसे दूर कर दिया ।
हम सोचने लगे कि अब वो शख़्स कहां है ,
हमें तो शहर के मयख़ाने ने दूर कर दिया ।
गुजरता रहा इश्क़ मुसलसल,
हमें तो यादों ने अब, बेघर कर दिया...

डेनिरो सलाम



 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017