Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

मुझे रहने दो

1
30 -Nov-2016 Aman Sorry Poems 1 Comments  1,475 Views
Aman

गुनहगार मै तेरा
मुझे क़ब माफ़ भी कर दो
निगाहे आपकी मरहम
मेरे इस जख्म पर मल दो
ये तेरा प्रेम पूर्ण है
न मै इस प्रेम के काबिल
न बाधो प्रेम घडियो मे
मुझे आज़ाद भी कर दो
कहाँ तुम चाँदनी सी हो
कहाँ हो देवप्रेमि तुम!
मेरा गायन भी रज सा है
मुझे धरती पर रहने दो
तेरा तो प्रेम सागर है
हजारो सीपिया मिलती
कहाँ मै दूर पर्वत हू
जरा लहरो को रहने दो
की तुम आकांक्षा हो प्रेम की
चंदा तुम्हे पाना
मै अमृत था ,मै अमृत हू
मुझे अमृत ही रहने दो



 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

1 More responses

  • poemocean logo
    Akanksha kejriwal (Guest)
    Commented on 04-December-2016

    Nic.

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017