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Na Jaane Kab

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22 -Jan-2016 Anju Verma Nisha Love Poem 0 Comments  1,943 Views
Anju Verma Nisha

ना जाने कब...
वो मेरे होठों की मुस्कान बन गया,
चुपके से दिल का मेहमान बन गया,
उसकी खुशबू से महक उठी साँसे मेरी,
और मेरी रूह की पहचान बन गया,
.
ना जाने कब...
मुझे उससे प्यार हो गया,
इश्क़ का इज़हार हो गया,
खुद से भी ज्यादा मुझको,
उस पर ऐतबार हो गया,
.
शायद इसलिए...
रात दिन उसका इंतज़ार करने लगी हूँ,
उसे ही याद मैं बार बार करने लगी हूँ,
अच्छी लगने लगी है अब ये तन्हाई भी,
और खुद से ही बातें हज़ार करने लगी हूँ....
.
ना जाने कब...
हमारी मुलाकात होगी, कि,
खामोश रहकर भी बात होगी,
हकीकत में हो दीदार उनका,
ऐसी कोई हसीन रात होगी...

Na Jaane Kab


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