Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

Naagfani

0
30 -Sep-2018 Ravi Nature Poem 0 Comments  656 Views
Naagfani

नागफनी,कहीं भली है हर किसी दूसरे फूल-पौधे से,
सबसे अलग, सुरक्षित, सुन्दर व आकर्षक ।
हो कहीं हरे भरे चमन में, या किसी रेगिस्तान में,
हर पल, हर जगह , रहती है एक सी,
हर मौसम, हर परिस्थिति में, वैसी की वैसी।

न खिलने के लिए बहार का इन्तज़ार,
न पतझड़ में मुरझाने का डर ।
न किसी के सुख की साथी,
न किसी के दुख की थाती।
किसकी मजाल कि इसे छुए, तोड़े या मरोड़े,
जूडे में लगाए, जेब में सजाए,
मंदिर या मज़ार पर चढ़ाए,
किसकी मजाल कि इसकी
माला बनाए और किसी को पहनाऐ।
किसकी मजाल कि इसे
मसलने का ख्याल भी मन में लाए।
कितनी खुश हाल, शालीन व स्वसुरक्षित।
नागफनी,कहीं भली है हर किसी दूसरे फूल-पौधे से, सबसे अलग, सुरक्षित, सुन्दर व आकर्षक ।
- रवि



 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017