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नारी

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08 -Mar-2017 Jyoti Woman Poems 0 Comments  846 Views
Jyoti

नारी तुम स्वयं अपनी
पहचान हो
तुम ईश्वर का अनमोल
उपहार हो
तुमसे ही हर रिश्ता है
घर की जान हो तुम
नारी तुम स्वयं अपनी
पहचान हो

दिया है वरदान सर्जन
का तुम्हे ईश्वर ने
न सहना तुम अत्याचार कभी
हो तुम रूप दुर्गा का
ये पायल , चूड़ी ,मंगलसूत्र
और बिंदिया को
न समझना तुम अपने
पैरो की जंजीर


अपनी खुशियों का करना
तुम सम्मान हमेशा
कठनाइयों और संघर्षो में
तुम राह बनाती जाना
नारी तुम स्वयं अपनी
पहचान हो

आओ मिलकर हम सब
आज ये शपथ ले
नया समाज बनायेंगे
जहाँ न रहे भेदभाव
बेटा और बेटी में
नारी तुम स्वयं अपनी
पहचान हो


तुम ईश्वर का अनमोल
उपहार हो
तुमसे ही हर रिश्ता है
घर की जान हो तुम
नारी तुम स्वयं अपनी
पहचान हो



Dedicated to
सभी महिलाओं को

Dedication Summary
Mai. apni ye kavita sabhi. mahilaao ko
dedicate kerna chaheti hu is womans day per
Beta aur beti ke prti hame apni soach bdleni hai
tabhi samaj me badlav aayega aur betiyon ko
Bechana hai female fetous fortiside jaise vishesh
Per hum sabko milker kaam kerna

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