Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

विश्वव्यापी विज्ञान वेला

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21 -Nov-2021 Karan Kumar Natural Disasters Poems 0 Comments  197 Views
विश्वव्यापी विज्ञान वेला

विज्ञान ही इक विज्ञान है जो प्रकृति पर करता प्रहार है इसका उपयोग करना भारी बन गया इक विनाशकारी क्या-क्या मानव को संसाधन देकर प्रकृति को अस्तित्व विहीन किया मानव ने भी विज्ञान संसाधन में लिप्त होकर प्रकृति के अत

ये समय की कैसी आहट है

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01 -Jun-2021 Hanuman Gope Natural Disasters Poems 0 Comments  397 Views
ये समय की कैसी आहट है

ये समय की कैसी आहट है, हर ओर बस घबराहट है। हवा में जहर का कोई कतरा है, सांस लेने मे भी बहुत खतरा है। हर तरफ इक अजीब सी खामोशी है , चुप हैं सब और थोड़ी सरगोशी है। लोग हर उम्र के रोज़ मर रहे, जो ज़िंदा हैं खौफ मे हैं और डर र

महामारी

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09 -May-2021 Devendra Chandrol Natural Disasters Poems 0 Comments  573 Views
महामारी

एक त्रासदी एक बीमारी जिससे भयभीत दुनिया सारी जिसका नाम है Corona महामारी इसकी नहीं है किसी से नाते रिश्तेदारी अगर हमने सावधानी नहीं बरती तो आज है मेरी तो कल तुम्हारी बारी, घरों से उठती चत्कारें श्मशानों से उठता धुं

कोरोना काल में वियाह

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22 -Mar-2021 सिद्धार्थ पांडेय Natural Disasters Poems 0 Comments  596 Views
कोरोना काल में वियाह

एहि महीना में वियाह रहल और मन में कल्पना अथाह रहल। चढ़ि जयति डोली जल्दी तेल्हई के बस इहे चाह रहल। आइल कोरोना सब चौपट कइले सगरो सपना अब टूट गइल, सोच के ई पगलाइल तेल्हई अंखिया में धारा के प्रवाह रहल। चढ़ि जयति डोली जल्

ऐ करोना ये तूने क्या कर दिया

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04 -Jun-2020 Harpreet Ambalvee Natural Disasters Poems 0 Comments  1,384 Views
ऐ करोना ये तूने क्या कर दिया

ऐ करोना यह तूने क्या कर दिया कल तक आजाद था जो इंसान इस दुनिया का, आज पल भर में तूने घरों में कैद कर दिया , ऐ करोना यह तूने क्या कर दिया । महामारी बन कर तू ने पूरी दुनिया को डराया, खुद को भगवान समझने वाले देशों को घुटनों

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