Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

कोरोना को दूर भगाएं

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12 -Apr-2020 DINESH CHANDRA SHARMA Natural Disasters Poems 0 Comments  918 Views
कोरोना को दूर भगाएं

कोरोना को दूर भगाएं दूर रहें हम एक दूजे से, और कोरोना दूर भगाएं | अगर जरूरत नही बड़ी हो, घर के बाहर ज़रा न जाएँ || ऐसा है कमबख्त कोरोना, बिलकुल भी न पड़े दिखाई | मौत शिकंजा कस लेती है, लापरवाही ज़रा दिखाई | खतरनाक ये बीमारी है

घर से बाहर ज़रा न जाएँ |

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12 -Apr-2020 DINESH CHANDRA SHARMA Natural Disasters Poems 0 Comments  436 Views
घर से बाहर ज़रा न जाएँ |

घर से बाहर ज़रा न जाएँ | दूर रहें हम एक दूजे से, और कोरोना दूर भगाएं | अगर जरूरत नही बड़ी हो, घर के बाहर ज़रा न जाएँ || ऐसा है कमबख्त कोरोना, बिलकुल भी न पड़े दिखाई | मौत शिकंजा कस लेती है, लापरवाही ज़रा दिखाई | खतरनाक ये बीमारी

यमलोक मे कोहराम

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08 -Apr-2020 RAHUL VERMA Natural Disasters Poems 0 Comments  506 Views
यमलोक मे कोहराम

यम लोक मे चिन्ता छाई प्रथ्वी लोक मे महामारी आई कोरोना ने कहर बरपाई तीनो लोक मे चिन्ता छाई यमदूतों ने किया हंगामा कमीशन का रखा पैमाना हाथ जोड़ कर रहे विनती यमराज अब हमसे न बनती किन किन को अब लेकर आऐं किस किस की अब प

लाॅकडाउन / Lockdown

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08 -Apr-2020 Jyoti Ashukrishna Natural Disasters Poems 0 Comments  219 Views
लाॅकडाउन / Lockdown

थमा-थमा सा है, रुका-रुका सा है ये मौसम कुछ तनहा-तनहा सा है गली मोहल्ले सूने-सूने सड़कों पर पसरा सन्नाटा है एक-दूसरे को दूर से ताकती आँखें कुछ और कहने सुनने को नहीं, बंद हो गई हैं मुलाकातें हंसते खेलते बच्चों की आँखो

प्रेमगीत सुनाऊँ कैसे

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07 -Apr-2020 Jyoti Ashukrishna Natural Disasters Poems 0 Comments  1 Views
प्रेमगीत सुनाऊँ कैसे

प्रेमगीत सुनाऊँ कैसे उनकी पीर देखकर अपनी कहानी जताऊँ कैसे नंगे पैर चले जा रहे भूखे बच्चे अकुला रहे ऐसी व्यथा में अपनी अभिव्यंजना गाऊँ कैसे पोटली सिर पर, माथे पर पसीना बेबस आँखें खोज रहीं हैं दर अपना आँखों में नी

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