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Insaan Se Kuchh Bhool Ho Gayi

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16 -Mar-2015 Mohan Patidar Natural Disasters Poems 0 Comments  1,367 Views
Mohan Patidar

क्यों आज यु आँखे नम हो गयी,
लगता है इंसान से कुछ भूल हो गयी!

आज फिर यु मौसम ने रुख बदला है
आज फिर इन्द्र देव का सिहांसन डोला है
लगता है आज फिर तांडव होगा
एक बार फिर विनाश का मंजर होगा..!

आओ मिलकर करे कुछ ऐसा प्रयोजन
प्रकृति और किसान का हो संयोजन
प्रकृति फिर से अपना प्यार हम पर लुटायेगी
अगर समय रहते प्रकृति की सुरक्षा कर ली जाएगी..!

आओ करे एक ऐसा संकल्प,
जिससे प्रकृति का हो कायाकल्प.



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