Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

दोपहर

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31 -May-2020 Anand kumar (Manish) Nature Poem 0 Comments  27 Views
दोपहर

दोपहर की बेला में हम सब गए आम गाछ के नीचे किसी ने चद्दर तान लिया तो कोई खटिया खींचे गाछ के नीचे लगा बिछौना सब बुद्धि जीवी लेट गए जिसको-जिसको जगह न मिली वो गाछ के नीचे ही बैठ गए इस आस में बैठे थे कि कोई अपना बिस्तर छोड

दुनिया को बचा ले

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28 -Apr-2020 Harjeet Nishad Nature Poem 0 Comments  101 Views
दुनिया को बचा ले

पावों में चलते चलते अब पड़ गए हैं छाले। सुनले पुकार इनकी ऐ दुनिया के रखवाले। ज़ालिम करोना इतना अब कहर ढा रहा है। चाबुक ये मौत वाला सब पर चला रहा है। इनके मुंहों से छीने गर्दिशों ने हर निवाले। सुन ले पुकार इनकी ऐ दु

जान की बाजी लगाकर

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28 -Apr-2020 Harjeet Nishad Nature Poem 0 Comments  78 Views
जान की बाजी लगाकर

जान की बाजी लगाकर डॉक्टर उपचार करते। छद्म दुश्मन सबल है इसलिए ये किट पहनते। हौसला उपकार का जज्बा भलाई का लिए, उतर आए स्वर्ग से धरती पे मानों हैं फरिश्ते। डूबते को वो उबारे तैरना जो जानता है। जान जाने का है खतरा वो

Subah ka aana/ सुबह का आना

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08 -Apr-2020 shalu L. Nature Poem 0 Comments  104 Views
Subah ka aana/ सुबह का आना

सुबह का आना धूप का आना मानो दिन का जाग जाना नन्हे फूल उठे तो गुलाब की नींद खुल जाना हरी घास पर शबनम का आराम फरमाना अध्भुत है कुदरत का खूबसूरती से.... सुबह का द्वार खोल जाना। धीमी धीमी महेक करे मिटटी का श्रृंगार चारों

Suraj ki kiranen aain.

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17 -Aug-2019 Harjeet Nishad Nature Poem 0 Comments  410 Views
Suraj ki kiranen aain.

Suraj ki kiranen aain. Lalai asman men chhai. Chahak uthi nanhin gauraiya, Hava bahi sunder sukhdai. Kaliyon nen ankhen kholi. Kuhu kuhu kuhu koyal boli. Hava bahi sheetal man bhavan, Pedon ki shakhayen dolin. Chidiyon ka jhund hai nikala. Purab se pashchim ko chala. Pankh pasare udate sare, Sang sang udana lagata bhala. Sone jaisi suraj ki lali. Hai sabako sukh dene vali. Phulon ko hain ye chmakati , Kiranen lagati ajab nirali. Suraj aker subah jagata. Chahun or lali failata. Sare divas tapaker khud ko, Sar jag roshan ker jata.

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