Suraj Bankar

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29 -Jul-2016 Ghamandilal Agarwal Nature Poem 0 Comments  550 Views
Suraj Bankar

Suraj ek sitara hai, Har praani ko pyara hai. Isake kaaran hi bhai, pade vastuyein dikhlaai. Isaki kirane paate jab, bhojan ped banaate tab. Dharti ko garmi deta, tan ki thithuran ko har leta. Kosh Vitamin 'D' wala, jo haddi ka rakhwala. sabhi grahon ka mukhiya, ek jagah isaki kutiya, Harkar vasudha ke tam ko, suraj bankar tum chamko

Mausam Nainital Ka

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21 -Jun-2016 Dr. Roopchandra Shastri Mayank Nature Poem 0 Comments  561 Views
Mausam Nainital Ka




Hawa

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08 -Jun-2016 Hemant Rana Nature Poem 0 Comments  1,508 Views
Hawa

हवा तुम कहाँ से आती हो या यही आस पास रहती हो मै तुम्हे देख नहीं पता और तुम मिलकर चली जाती हो तुम्हारे आने पर पेड़ हिलते है या पेड़ो के हिलने से तुम आती हो मै तुम्हे पकड़ नहीं पाता और तुम छु कर चली जाती हो .... पंक्षियों को

Sheetal Mand Hawayein

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01 -Jun-2016 Hemant Kumar Nature Poem 0 Comments  1,523 Views
Sheetal Mand Hawayein

दूर पहाड़ों से हैं आती बारिश का संदेसा लाती खट्टी मीठी बातें करती झरनों का संगीत सुनाती शीतल मंद हवाएं। दुनिया भर की खबर सुनाती प्रेम भरे पैगाम भी लाती कभी तेज हो हर हर करती कभी प्यार से पंखे झलती शीतल मंद हवाएं।

प्रकृति

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30 -Apr-2016 Dheeraj Sharma Nature Poem 1 Comments  2,963 Views
प्रकृति

प्रकृति धीरज शर्मा द्वारा रचित प्रकृति। धरा पर कुछ भी अपने लिए नहीं करती, नदियाँ पहाड़ों से अपने लिए नहीं उतरती| चाँद सूरज भी कहाँ अपने लिए चमकते है? प्यार भरे दिल भी दूसरों के लिए धड़कते है| फूल- वृक्ष की डाली अपने ल

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