Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

DAAYRE

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01 -Apr-2014 indra jain Nature Poem 0 Comments  3,026 Views
indra jain

हर सुबह
जब सूर्य कि किरणें
धरती को चूमती हैं
धरती जी उठती है.
धरती,
जलती है
सुबह से शाम तक
सूर्य कि आग में।
शाम को
जब सूर्य छिप जाता है
तब चाँद निकलता है
और अपनी शीतल छाया से
शांत कर देता है
धरती का तन मन।
धरती
उस निःस्वार्थ
शीतलता को पाकर
चाँद कि गोद में
दुबककर सो जाती है।
सूर्य ,धरती और चन्द्रमा
तीनों ही अपने अपने
दायरों में बंधे हैं ,
लेकिन फिर भी
एक दूजे से जुड़े हैं।



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